अमरावती में 17 लाख उपभोक्ताओं के सस्ते अनाज पर संकट

राशन दुकानदारों की हड़ताल की चेतावनी

अमरावती/दि.16-अमरावती जिले में सस्ते अनाज वितरण को लेकर बड़ा संकट खड़ा होने की आशंका है. राशन दुकानदार संघ ने मई महीने से अनाज उठाने और वितरण बंद करने की चेतावनी दी है, जिससे करीब 17 लाख उपभोक्ताओं पर असर पड़ सकता है.
जिले में अंत्योदय योजना के 1.29 लाख कार्डधारक हैं, जबकि प्रायोरिटी ग्रुप में 1.55 लाख लाभार्थी शामिल हैं. इस तरह बड़ी संख्या में लोगों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला अनाज प्रभावित हो सकता है.

* दुकानदारों की नाराजगी
पिछले दो हफ्तों में जिला प्रशासन द्वारा कुछ राशन दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित किए जाने से दुकानदारों में आक्रोश है. संघ के जिला अध्यक्ष सुरेश उल्हे और अन्य पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी आशीष येरेकर से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जताई. दुकानदारों का कहना है कि अनाज सरकारी गोदाम से ट्रांसपोर्टर के जरिए भेजा जाता है, लेकिन उन्हें पहले से अनाज की जानकारी नहीं दी जाती, वितरण से जुड़े कागजों पर उनके हस्ताक्षर नहीं लिए जाते, स्टॉक की सही जानकारी नहीं मिलती.

* दुकानदारों को बनाया जा रहा बलि का बकरा
संगठना का आरोप है कि वेयरहाउस मैनेजर और ट्रांसपोर्टर जिम्मेदार हैं, लेकिन कार्रवाई दुकानदारों पर की जा रही है. उनका कहना है कि बिना गोदाम और परिवहन व्यवस्था के सहयोग के कोई भी गड़बड़ी संभव नहीं है.

* हर महीने कितना अनाज मिलता है?
अंत्योदय योजना: प्रति कार्ड 21 किलो गेहूं और 14 किलो चावल
कुल आवश्यकता: 27.19 लाख किलो गेहूं, 18.13 लाख किलो चावल
प्रायोरिटी ग्रुप: प्रति व्यक्ति 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल
कुल आवश्यकता: 46.68 लाख किलो गेहूं, 30.42 लाख किलो चावल
कुल मिलाकर हर महीने जिले को 73.87 लाख किलो गेहूं और 48.55 लाख किलो चावल की जरूरत होती है.

* क्या होगा आगे?
संगठना ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो मई से अनाज उठाव और वितरण बंद कर दिया जाएगा. इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों के सामने खाद्य संकट खड़ा हो सकता है. बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी निनाद लांडे सहित संघ के कई पदाधिकारी मौजूद थे.

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