जयेश पुजारी को गर्लफ्रेंड से मिला था फोन नंबर
नितिन गडकरी को धमकी प्रकरण

नागपुर/दि.15 – केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को जान से मारने की धमकी देकर 100 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के चर्चित मामले में अदालत में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. मुख्य आरोपी जयेश पुजारी को उसकी गर्लफ्रेंड की मदद से गडकरी के जनसंपर्क कार्यालय का मोबाइल नंबर मिलने की बात स्पष्ट हुई है. गवाह मंजुला ने सत्र न्यायालय में अपनी गवाही में यह पूरा मामला उजागर किया.
* शादी का झांसा देकर फंसाया
मंजुला ने बताया कि जयेश पुजारी ने उससे शादी करने का झांसा देकर उसके करीब आया था. उसका भरोसा जीतने के बाद उसने उससे गडकरी के कार्यालय का मोबाइल नंबर हासिल किया. इतना ही नहीं, उसकी जानकारी के आधार पर उसे कार्यालय का एक और संपर्क नंबर भी मिला. यह जानकारी उसने अदालत में साफ तौर पर दी. इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि घटना के समय जयेश पुजारी कर्नाटक के बेलगाम स्थित हिंडलगा सेंट्रल जेल में बंद था. इसके बावजूद उसने मोबाइल फोन के जरिए बाहर संपर्क बनाए रखा और 21 मार्च 2023 को गडकरी के जनसंपर्क कार्यालय में फोन कर 100 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी. पैसे न देने पर बम धमाका कर गडकरी को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है.
* रंगदारी के लिए गर्लफ्रेंड के खाते का इस्तेमाल
मंजुला ने अदालत में बताया कि वह बेंगलुरु में रहती है और कपड़ों का व्यवसाय करती है. पुजारी से पहचान होने के बाद वह लगातार उसके संपर्क में रहने लगा. जनवरी 2022 में उसने वीडियो कॉल कर उसके परिवार की जानकारी ली और फिर व्हाट्सऐप, फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए बातचीत बढ़ाई. इसके बाद उसने मंजुला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और उसके फोटो वायरल करने की धमकी दी. उसे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने के लिए मजबूर किया गया. रंगदारी की रकम जमा कराने के लिए वह मंजुला के बैंक खाते का भी इस्तेमाल करता था और पैसे अन्य खातों में ट्रांसफर करवाता था.
* दुभाषिए की मदद से गवाही
इन सब घटनाओं से परेशान होकर मंजुला ने आखिरकार पुलिस में शिकायत की और पूरी जानकारी दी. अदालत में बयान दर्ज करते समय पुलिस कॉन्स्टेबल अमरकांत हिरवे को दुभाषिया नियुक्त किया गया, क्योंकि मंजुला को मराठी भाषा नहीं आती. इस मामले में पुलिस ने जयेश पुजारी उर्फ जयेश उर्फ शंकर उर्फ शाकीर शेख, अफसर पाशा उर्फ शशिकांत उर्फ बसरीराजू और मोहम्मद शाकीर उर्फ मोहम्मद हनीफ के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराएं 385, 387, 506(2), 120-बी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है. साथ ही जेल (प्रतिबंध) अधिनियम की धाराएं 10, 11, 18 और 20 के तहत भी कार्रवाई की गई है. नागपुर सत्र न्यायालय में न्यायाधीश ए. के. शर्मा की अदालत में यह मामला चल रहा है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. मंजुला की गवाही से इस मामले के कई अहम पहलू सामने आए हैं, जिनसे यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपियों ने किस तरह ब्लैकमेलिंग की और जेल के अंदर से ही आपराधिक गतिविधियां संचालित कीं.





