करोडों का बिजनेस ठप, कृषि केंद्रों की हडताल शुरू

जिले में 1500 दुकानों पर ताले

* सरकारी खाद कंपनियों की मनमानी का कडा विरोध
अमरावती/ दि.27- सरकारी खाद कंपनियों इफको, आरसीएफ और अन्य की मनमानी, शासन के बेजा नियम और निर्देशों का कडा विरोध करते हुए कृषि केंद्र संचालकों की राज्य व्यापी बेमियादी हडताल को अमरावती जिले में भी अपेक्षित, व्यापक रिसपॉस मिला और करीब 1500 दूकानों पर आज से बेमियादी काल के लिए ताले लग गए. करोडों का कारोबार ठप हो जाने का दावा असो ने किया हैं. जिले के 1500 से अधिक सदस्य इस हडताल में अंतिम निर्णय होने तक शामिल रहने का दावा पदाधिकारियों ने किया.
उल्लेखनीय है कि कृषि सामग्री विक्रेता संगठन ने पिछले सप्ताह शासन और प्रशासन को निवेदन सौंप दिए थे. जिससे आज उन्होंने दूकाने बंद रखी. कोई कामकाज नहीं किया. अभी बुआई का सीजन नहीं हैं. फिर भी किसानों को अन्य कई चीजों की जरूरत पडती है जो कृषि केंद्रों पर उपलब्ध होती हैं. कृषि केंद्र बेमियादी बंद हो जाने से किसानों को परेशानी होने का दावा किया गया. इस बीच विक्रेताओं ने बताया कि सरकारी खाद कंपनी का सरकारी नियमानुसार माल खरीदी करने पर कंपनिया अन्य उत्पाद थोपती हैं. जो पूरे वर्ष नहीं बिक पाता हैं. उसका खामियाजा दूकानदारों को नाहक भुगतना पडता. उसमें भी खाद कंपनियों का माल घटिया निकलने पर दूकानदार को आरोपी बनाया जाता हैं. यह सरासर अन्याय होने का दावा असो ने किया. पॅक माल बेचने पर दुकानदार पर अपराध दर्ज करने ख्पर ही सवाल उठाए गए हैं.
आंदोलन सफल करने अध्यक्ष मिलींद इंगोले, सचिव संजय उंबरकर, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष मनोहर अग्रवाल, सुहास ठाकरे, राजेश अग्रवाल, सुजीत मुंधडा, अभिषेक कडू, उमेश सोनोने, पंकज गांधी, कैलाश मालवीय, गिरीष राठी, पुरूषोत्तम अग्रवाल, जगदीश सारडा, श्रीकृष्ण कालमेघ, जयेंद्र टावरी, सुनील शिरभाते, अमित गांधी, योगेश भट्टड, घनश्याम राठी, सुनील सावरकर, राजेश बजाज, नितेश कावेरकर, जयेश लढ्ढा, निलेश गांधी आदि के नेतृत्व में सभी जुटे हैं.

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