केमिकल से आम पकानेवालों पर होगा फौजदारी मामला दर्ज
जनसामान्यों के स्वास्थ्य से खिलवाड करना पडेगा भारी

* नियमों के पालन को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क व गंभीर
अमरावती/दि.28– गर्मी का मौसम शुरु होते ही बाजार में आम केले व पपई जैसे फलों की आवक बढ गई है. परंतु फलों को लेकर रहनेवाली मांग को पूरा करने तथा फलों को जल्द से जल्द पकाने हेतु फल व्यापारियों द्वारा धडल्ले के साथ घातक रसायनों का प्रयोग किया जाता है. इस बेहद गंभीर मामले की दखल ‘एफएसएसएआय’ द्वारा ली गई है, तथा अब फलों को पकाने हेतु कैल्शियम कार्बाईड का प्रयोग करने को सीधे फौजदारी अपराध ठहराया गया है.
भारतीय अन्न सुरक्षा विभाग द्वारा फलों का थोक एवं फुटकर व्यवसाय करनेवाले व्यापारियों को इस संदर्भ में कडी चेतावनी देते हुए कहा गया है कि, आम, केले व पपई जैसे फलों को कृत्रिम रुप से पकाने हेतु प्रयुक्त किए जानेवाले कैल्शियम कार्बाईड का प्रयोग पूरी तरह से बंद किया जाए. साथ ही आम नागरिकों से भी आवाहन किया गया है कि, बाजार से लाए गए फलों का सीधे सेवन न किया जाए, बल्कि फलों को साफ-सुथरे पानी से करीब 5 से 10 मिनट तक धोकर साफ किया जाए और फलों के छिलके निकालकर ही फलों का सेवन किया जाए.
* फलों को पकाने हेतु इन रसायनों का होता है प्रयोग
कई व्यवसायियों द्वारा केले व अन्य फलों को पकाने हेतु उन्हें ‘इथिलिन’ नामक रसायन के घोल में डुबोया जाता है. जबकि एफएसएसएआय के दिशादर्शक निर्देशों के मुताबिक इथिलिन गैस के द्रव्य अथवा पाउडर स्वरुप के साथ फलों का सीधा संपर्क होना मानवीय स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है.
* सीधे फौजदारी दर्ज करने का आदेश
फलों को पकाने हेतु कैल्शियम कार्बाईड का प्रयोग करना कानूनन अपराध है. इस पर नियंत्रण हासिल करने हेतु अन्न सुरक्षा आयुक्त को कडे निर्देश दिए गए है. साथ ही अब कहीं पर भी ऐसा होता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सीधे फौजदारी अपराध दर्ज किए जाएंगे.
* स्वास्थ्य के लिए कौनसे खतरे?
केमिकलयुक्त फलों का सेवन करने की वजह से पेट संबंधी विकार, जी मचलाना, उलटी, अतिसार, सिरदर्द तथा लंबे समय तक ऐसे फलों का सेवन करने की वजह से कैंसर जैसी बीमारी भी हो सकती है. छोटे बच्चों एवं बुजूर्ग व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर इसका बेहद विपरित परिणाम होता है.
* फल बाजारों व गोदामों की होगी जांच
अन्न व औषध प्रशासन विभाग द्वारा अब शहर के सभी प्रमुख फल बाजारों व गोदामों की जांच-पडताल करने का अभियान शुरु किया जानेवाला है. संदेहास्पद माल की पडताल कर सैम्पलों को प्रयोगशाला में भेजा जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करनेवालों के खिलाफ कडी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
* केमिकल से पके फलों को कैसे पहचाने
केमिकल से पके फलों का रंग नैसर्गिक नहीं रहता, बल्कि वह एकसमान और ज्यादा गहरा दिखाई देता है. प्राकृतिक रुप से पके फलों का दंठल सूखा होता है, परंतु केमिकल से पके फलों के दंठल हरे व ताजे दिखाई देते है. इसके अलावा केमिकल से पके फलों में प्राकृतिक मिठास नहीं रहती, बल्कि वे बेस्वाद तथा थोडे खारे व खट्टे स्वाद वाले होते है.
* सेवन करने से पहले फलों को करें साफ
– फलों का सेवन करने से पहले एक बर्तन में गुनगुना पानी लेकर उसमें एक चिमटी नमक डाले और उस पानी में फलों को 10 से 15 मिनट तक भिगाकर रखे. जिसके बाद फलों को साफ पानी से धो ले.
– इसके अलावा एक कप पानी में एक चम्मक चेकिंग सोडा मिलाकर उस पानी में फलों को 15 मिनट तक रखे और फिर ठंडे पानी से धो ले.
* अमरावती शहर सहित मोर्शी एवं वरुड शहर से आमों के 7 सैम्पल लिए गए है. कैल्शियम कार्बाईड से आम पकाने वाले लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी.
– गजानन गोरे
अन्न सुरक्षा अधिकारी.





