तरबूज खाने से मौत का मामला

चारों की कीडनी फेल होने से मृत्यु!

* पीएम रिपोर्ट में दावा, देशभर में चर्चित हुआ प्रकरण
मुंबई /दि.28- मुंबई के पायधुनी इलाके में रहने वाले एक परिवार के 4 लोगों की बिरयानी के बाद तरबूज खाने से मौत होने की घटना सोमवार को सामने आई थी. इन मौतों को लेकर राज्य में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे, ऐसे में अब मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चारों की मौत किडनी फेल होने के कारण हुई है.
पुलिस के मुताबिक, अब्दुल्ला दोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन दोकाडिया, बेटी आयशा दोकाडिया और जैनब दोकाडिया की बिरयानी और उसके बाद तरबूज खाने से मौत हो गई थी. इस परिवार के 9 सदस्यों ने 25 अप्रैल की रात करीब 10:30 बजे अपने रिश्तेदारों के साथ बैठकर भोजन किया था. इसके बाद उनके रिश्तेदार अपने-अपने घर चले गए थे. उसके बाद उक्त चारों ने रात करीब 1:30 बजे घर में रखा तरबूज खाया था. इसके बाद रविवार सुबह करीब 5 बजे चारों की तबीयत बिगड़ गई थी.
इसके बाद उनका पोस्टमार्टम किया गया. उसकी प्राथमिक रिपोर्ट अब सामने आई है. इस रिपोर्ट के अनुसार, फूड पॉयजनिंग के कारण चारों की किडनी को भारी नुकसान हुआ. अब इन चारों को यह फूड पॉयजनिंग आखिर किस कारण से हुई, इसकी जांच पुलिस कर रही है. इसके लिए चारों मृतकों के विसरा को आगे की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है. उनका हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का असली कारण सामने आएगा.
* अब्दुल्ला की मां ने क्या कहा?
मृत अब्दुल्ला की मां ने इस घटना के बारे में कहा कि मेरे बेटे का पूरा परिवार खत्म हो गया. मुझे अभी भी इस पर विश्वास नहीं हो रहा है. पिछले हफ्ते ही हम मिले थे. मैंने अपनी नातिनों के साथ अच्छा समय बिताया था. मेरी बड़ी नातिन 10वीं में थी, जबकि छोटी 8वीं में थी. मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकती. हमारे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
* पुलिस ने तरबूज विक्रेता से की पूछताछ
अब्दुल्ला के चचेरे भाई मोहम्मद मुस्तफा इकबाल ने बताया कि सभी मेहमानों ने चिकन बिरयानी खाई थी. लेकिन इसी परिवार ने तरबूज खाया था. इसलिए हमें शक है कि तरबूज से ही फूड पॉयजनिंग हुई है. पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है. उन्होंने तरबूज विक्रेता से भी पूछताछ की. इसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला. उसी विक्रेता से कई लोगों ने तरबूज खरीदा था, लेकिन अब तक किसी और ने ऐसी कोई शिकायत नहीं की है. इस घटना के बाद फल विक्रेताओं ने तरबूज की बिक्री बंद कर दी है.
* पड़ोस में रहने वाले डॉक्टर ने बचाने की कोशिश की
अब्दुल्ला दोकाडिया की बिल्डिंग में ऊपर के फ्लोर पर डॉक्टर कुरैशी रहते थे. उन्होंने दोकाडिया परिवार के चारों लोगों को बचाने की पूरी कोशिश की. उन्होंने बताया कि सुबह करीब 5 बजे परिवार को उल्टी और दस्त शुरू हुए. तब पड़ोसियों ने मुझे नीचे बुलाया. जब मैं वहां पहुंचा तो सभी बेहोश थे. छोटी बच्ची की नब्ज भी नहीं चल रही थी. मैंने सभी को सीपीआर देने की कोशिश की. इसके बाद छोटी बच्ची को साबू सिद्दीकी अस्पताल ले जाया गया. उसके माता-पिता को जे.जे. अस्पताल में शिफ्ट किया गया. वहां पति का ब्लड प्रेशर कम हो गया था. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया. बाद में पति, पत्नी और बेटी तीनों की मौत हो गई. मैंने सभी को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनके शरीर में कुछ ऐसा जहरीला तत्व चला गया था कि उनकी हालत तेजी से बिगड़ती गई. उनके खून में एसिड बन गया था.

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