अप्परवर्धा बांध से अमरावती तक नई पाईप लाइन डालने का काम शुरू
इंदौर के कारखाने से नये पाईपों की खेप पहुंची अमरावती

* 55 किमी लंबी पाईप लाइन को बदलने का काम किया जा रहा है
* 30 फीसद काम हुआ पूरा, 862 करोड रूपयों की लागत वाली योजना
* 35 साल पुरानी पाईप लाइन हो चुकी है जर्जर, बार-बार लिकेज से जलापूर्ति होती है ठप
* विधायक संजय खोडके के प्रयास रंग लाए, दिवंगत डिप्टी सीएम अजीत पवार ने निधि की थी मंजूर
अमरावती/दि.18 – अमरावती मनपा क्षेत्र अंतर्गत अमरावती और बडनेरा शहर को जलापूर्ति करने हेतु अप्परवर्धा बांध से पानी लाया जाता है. जिसके लिए अप्परवर्धा बांध से अमरावती तक करीब 55 किमी लंबी मुख्य जलवाहिनी 35 साल पहले डाली गई थी. जो समय बीतने के साथ ही पुरानी व जर्जर हो गई. जिसमें आए दिन लीकेज होने के चलते अमरावती महानगर पालिका की जलापूर्ति ठप हो जाया करती है. इस बात को ध्यान में रखते हुए राकापा नेता व विधायक संजय खोडके द्बारा विगत लंंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं. जिसकी बदौलत सिंभोरा बांध से अमरावती स्थित जल शुध्दिकरण केन्द्र तक पानी पहुंचाने हेतु मुख्य पाइप लाइन डालने के लिए 862 करोड रूपयों की निधि को मंजूरी दी गई थी. जिसके चलते अब अप्परवर्धा बांध से अमरावती तक मुख्य जलवाहिनी के तौर पर नई पाइप लाइन डालने का काम शुरू कर दिया गया है. साथ ही इस समय तक इसमें से 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका हैं. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द यह काम पूरा होने के साथ ही अमरावती महानगर को बार- बार जलापूर्ति ठप होने की समस्या से मुक्ति मिल सकती है.
बता दें कि अमरावती महानगर को जलापूर्ति करने हेतु 35 साल पहले मोर्शी के पास स्थित अप्परवर्धा बांध से अमरावती तक मुख्य पाइप लाइन डाली गई थी. जिसके जरिए अमरावती स्थित जल शुध्दिकरण केन्द्र तक पानी लाया जाता है. जहां पर पानी का शुध्दिकरण करने के उपरांत उसे शहर में बिछाई गई अंतर्गत पाइप लाइन व नलों के जरिए नागरिकों के घरों को पहुचाया जाता है. इन 35 वर्षो के दौरान सिंभोरा से अमरावती के बीच दिखाई गई पाइप लाइन पुरानी व जर्जर हो गई तथा आए दिन मुख्य जलवाहिनी में लीकेज होने की समस्या पैदा होने लगी. जिसके परिणामस्वरूप अमरावती शहर में कई कई दिनों तक जलापूर्ति ठप रहती है. इस बात को रखते हुए राकांपा नेता व विधायक संजय खोडके सहित विधायक सुलभा खोडके ने तत्कालीन उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री अजीत पवार से संपर्क कर इस मुख्य जलवाहिनी की पाइप लाइन को बदलने हेतु निधि उपलब्ध कराराए जाने की मांग की थी. इसे ध्यान में रखते हुए तत्कालीन डिप्टी सीएम अजीत पवार ने इस कार्य हेतु 872 करोड रूपयों की निधि मंजूर की थी. जिसके जरिए निविदा प्रक्रिया शुरू करते हुए नई पाइप लाइन को खरीदने तथा पुरानी पाइप लाइन के समांतर नई पाइप लाइन डालने का काम शुरू किया गया.
इस समय इंदौर स्थित एक कारखाने से बडे- बडे पाइपों की छेप को लगातार अमरावती लाया जा रह हैं तथा अमरावती से मोर्शी के बीच सडक के किनारे 1500 व्यास वाले पाइप के खंड लाकर डाले जा रहे हैं. जिन्हें आपस में जोडते हुए नई भूमिगत मुख्य जलवाहिनी को साकार किया जा रहा है. सूत्रों मुताबिक नई पाइप लाइन डालने का काम लगभग 30 प्रतिशत पूरा हो चुका है तथा शेष काम को युध्दस्तर पर पूरा किया जा रहा है.





