मेलघाट के विकास के लिए प्रशासनिक समन्वय बढाए
समीक्षा बैठक में आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने कहा

धारणी/दि.20– मेलघाट के विकास के लिए प्रशासनिक समन्वय बढाए, ऐसा राज्य के आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके ने कहा. उनकी अध्यक्षता में धारणी में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया था. इस अवसर पर वे बोल रहे थे. डॉ. उईके ने बताया कि, चिखलदरा और धारणी आदिवासी बहुल तहसीले है. जिन्हें विशेष रुप से दत्तक लिया गया है. इसलिए इस क्षेत्र के विकास कार्यो को गति देने और नागरिकों की मूलभूत समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रकल्प कार्यालयों को सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करना चाहिए. इससे लोगों की समस्याओं के समाधान में सहायता मिलेगी.
इस समीक्षा बैठक में कुपोषण, सिकलसेल, थैलेसेमिया व क्षयरोग इन गंभीर बीमारियों के विषयों पर स्वतंत्र चर्चा की गई. वहीं कुपोषणमुक्त मेलघाट बनाने का संकल्प लिया गया. डॉ. उईके ने आगे कहा कि, आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा. सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक वास्तविक रुप में पहुंचाने की जरुरत है. इसी के साथ ही नागरिकों के लिए उनकी सुविधा हेतु सभी प्रकल्प कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर योजना की जानकारी दी जाए, ताकि नागरिकों को इस सुविधा का लाभ मिल सके.
डॉ. उईके ने कहा कि, आवश्यक दस्तावेज और लाभार्थियों की सूची भी अनिवार्य रुप से प्रदर्शित की जाए. बिरसामुंडा कृषि योजना के साथ किसानों को कुओं के साथ सोलर सिस्टम, पाइप लाइन और मोटर पंप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि आदिवासी किसानों को योजना का संपूर्ण लाभ मिल सके. उन्होंने कृषि विद्यालयों में रिक्त पदों और भवन निर्माण के लिए भी प्रयास करने की बात कही. इसके साथ ही रायपुर स्थित आश्रमशाला तक पहुंचने के लिए स्कूल शुरु होने से पहले सडक को प्रशासकीय मंजूरी देने के भी निर्देश उन्होंने दिए.
15 जून से पहले सभी आश्रमशालाओं में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था तथा प्रत्येक गांव में स्मशानभूमि और वहां तक पक्की सडक बनाने के भी निर्देश समीक्षा बैठक में डॉ. उईके द्वारा दिए गए. इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक केवलराम काले, पूर्व विधायक प्रभुदास भिलावेकर, नगर पंचायत अध्यक्ष सुनील चौथमल, आदिवासी विभाग की अपर आयुक्त आयुषी सिंह, जिप के सीईओ सत्यम गांधी, प्रकल्प अधिकारी सिद्धार्थ शुक्ला सहित अधिकारी उपस्थित थे.





