तपोवन को भी दस करोड रुपए की सहायता दी जाए
प्राचार्य सुभाष गवई की महाराष्ट्र शासन से मांग

अमरावती/दि.25- श्रद्धेय बाबा आमटे के महारोगी सेवा समिति आनंदवन में कुष्ठरोगियों के पुनर्वास के लिए महाराष्ट्र शासन द्वारा 15 मई 2026 को शासन निर्णय जारी कर विशेष प्रकरण के रुप में 10 करोड रुपए की निधि को मंजूरी दी गई है. जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा राज्य मंत्री मंडल का आभार व्यक्त करते हुए स्थानीय विदर्भ महारोगी सेवा मंडल तपोवन के अध्यक्ष डॉ. सुभाष गवई ने इसी तर्ज पर तपोवन को भी 10 करोड रुपए की निधि दिए जाने की मांग की है.
तपोवन संस्था देश में कुष्ठरोगियों के पुनर्वास के लिए कार्य करनेवाली प्रमुख एवं ऐतिहासिक संस्थाओं में एक मानी जाती है. वर्ष 1946 में स्थापित इस संस्था को इस वर्ष 80 वर्ष पूर्ण होने जा रहे है. यहां कुष्ठरोगियों को उपचार, निवास तथा पुनर्वास व सामाजिक पुनर्स्थापना का महत्वपूर्ण कार्य लगातार किया जा रहा है. हालांकि समय के साथ संस्था की कई इमारते, अस्पताल, आंतरिक सडके और मूलभूत सुविधाएं जर्जर अवस्था में पहुंची चुकी है. इसलिए संस्था के विकास के लिए विशेष आर्थिक सहायता की आवश्यकता महसूस की जा रही है.
इसी पार्श्वभूमि पर क्षेत्र की विधायक सुलभा खोडके ने 19 मार्च 2025 को विधानसभा में प्रश्न उठाकर तपोवन संस्था के विकास के लिए विशेष निधि की मांग की थी. उसी समय स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने सकारात्मक भूमिका अपनाते हुए संस्था को सहायता देने का आश्वासन दिया था. इसके बाद मुंबई में तपोवन संस्था की विभिन्न मांगों को लेकर बैठक भी आयोजित की गई थी तथा आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया गया था. आगे चलकर विधानसभा की आश्वासन समिति ने तपोवन की समस्याओं पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे.
इसके बाद 2 दिसंबर 2025 को सहायक संचालक (कुष्ठरोग) ने स्वयं तपोवन का दौरा कर इमारतों, सडकों, अस्पतालों और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा फोटो सहित रिपोर्ट शासन को सौंपी थी. लेकिन अब इस प्रक्रिया को लगभग एक वर्ष बीत जाने के बावजूद तपोवन को अब तक विशेष निधि प्राप्त नहीं हो सकी है. इस बीच आनंदवन को 10 करोड रुपए की विशेष निधि मंजूर किए जाने के बाद अब तपोवन को भी समान न्याय देते हुए कुष्ठरोगियों के पुनर्वास और संस्था के विकास के लिए विशेष अनुदान मंजूर किए जाने की अपेक्षा और मजबूत हो गई है.





