संत कभी विदा नहीं होते, दिव्य प्रकाश स्वरुप भक्त के मध्य रहते है
परमपूज्य साई साधराम साहिब जी की पावन स्मृति सभा श्रद्धा व भावनाओं के साथ संपन्न

अमरावती/दि.26- सतगुरु देव भगवान परमपूज्य हाजिर स्वरुप साई साधराम साहिब जी की पावन स्मृति में रविवार 24 मई को सुबह 10 बजे समाज मंदिर नया हॉल, दस्तूर नगर में भावपूर्ण पावन स्मृति सभा का आयोजन किया गया. सभा में बडी संख्या में सिंधी समाज के श्रद्धालु उपस्थित रहे. इस अवसर पर संतों के दिव्य जीवन, उनके आशीर्वाद, वचनों एवं समाजसेवा को याद करते हुए कहा गया कि, संत कभी विदा नहीं होते, वे अपने दिव्य प्रकाश स्वरुप सदैव अपने भक्तों के मध्य विद्यमान रहते है. सभा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने साई साधराम साहिबजी को भावभिनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया. पूरे वातावरण में श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक भावनाओं का अद्भूत संगम देखने को मिला.
सभा में सुरेंद्र पोपली, संतोष सबलानी, शमनलाल खत्री, लक्की भगत, दादलानी, शंकरलाल बतरा, संजय कुकरेजा, दीपक उत्तराधि, बबन कापडी, संतोष नथानी, सुदर्शनलाल मतानी, पप्पू खत्री, सुरेंद्र खत्री, हरगुणदास घुंडियाल, जगदीशलाल घुंडियाल, नंदलाल मेही, सतीश कुकरेजा, नितिन कुकरेजा, नंदलाल वासरानी, अमृतलाल मेहता, पाशी मेहता, राजेश तरडेजा, गिरीश अरोरा, विश्वनाथ आरोरा, गोपाल मंधानी, गोविंद मंधानी, शंकर मकवानी, विकी कुकरेजा, राजेश किंगर, विजय पंजवानी, शशिकांत मंधान, महेंद्र मेहता, राजेश बुलानी, अनूप जीवन, डॉ. प्रदीप तरडेजा, लुंडुराम किंगरानी, सतीश कापडी, पंकज खत्री, आकाश हरवानी, बंटी गेही, विरल केशवानी, पवन गुंडियाल, कपिल होतचंद, जैकी तरडेजा, अविनाश खत्री, सनी खत्री, गिरीश अरोरा, गिरीश गेही, तुषार तरडेजा, पवन तरडेजा, आनंद दादलानी सहित दस्तूर नगर एवं कंवर नगर सिंधी समाज के सैकडों लोग उपस्थित थे. साथ ही दस्तूर नगर महिला मंडल की सभी सदस्य महिलाएं भी बडी संख्या में उपस्थित रही. सभा का समापन श्रद्धांजलि एवं प्रार्थना के साथ हुआ.





