एसटी बसों में महिलाओं की आरक्षित सीटों पर पुरुषों का कब्जा
यात्रियों में नाराज़गी, भीड़ के बीच नियमों की अनदेखी

* शिकायत के बावजूद नहीं होती कार्रवाई
अमरावती/दि.27– गर्मी की छुट्टियों और शादी-ब्याह के मौसम के चलते इन दिनों एसटी महामंडल की बसों में भारी भीड़ देखने को मिल रही है. ऐसे में महिलाओं, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और अन्य आरक्षित श्रेणी के यात्रियों के लिए निर्धारित सीटों पर सामान्य यात्री कब्जा कर लेते हैं, जिससे संबंधित यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
यात्रियों का आरोप है कि कई बार पुरुष यात्री महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर बैठे रहते हैं और अनुरोध करने पर भी सीट खाली नहीं करते. वहीं कई मामलों में वाहक भी इस पर गंभीरता से ध्यान नहीं देते.महिला यात्री रोशनी कावरे ने बताया कि छोटे बच्चे के साथ बस में सफर करते समय महिलाओं की सीट पर बैठे पुरुष उठने से इनकार कर देते हैं. शिकायत करने पर वाहक भी यात्रियों को खुद ही बात करने के लिए कह देते हैं. एक अन्य यात्री कंचन मेश्राम ने कहा कि एसटी बसों में आरक्षित सीटों के बोर्ड सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गए हैं. वरिष्ठ नागरिक और महिलाएं खड़े होकर यात्रा करती हैं, जबकि कई युवा आरक्षित सीटों पर बैठकर मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं. यात्रियों ने मांग की है कि एसटी प्रशासन आरक्षित सीटों के नियमों का सख्ती से पालन करवाए ताकि महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों को परेशानी न हो.
* शिकायत कहां करें?
यदि कोई यात्री आरक्षित सीट पर बैठा हो और सीट खाली न करे, तो सबसे पहले बस कंडक्टर को इसकी जानकारी देनी चाहिए. यदि कंडक्टर कार्रवाई नहीं करता, तो यात्री बस की शिकायत पुस्तिका में शिकायत दर्ज कर सकते हैं या संबंधित डिपो प्रबंधक को लिखित शिकायत दे सकते हैं.
* एसटी बसों में सीट आरक्षण व्यवस्था
– सीट नंबर 19, 20, 21, 22, 29 और 30 – महिलाओं के लिए आरक्षित
– सीट नंबर 3, 4, 5 और 6 – दिव्यांग यात्रियों के लिए
– सीट नंबर 11 और 12 – 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए
– सीट नंबर 13 और 14 – स्वतंत्रता सेनानियों के लिए
– सीट नंबर 7 और 8 – विधायक और सांसदों के लिए आरक्षित





