विधान परिषद चुनाव: महायुति में आखिरकार तय हुआ
जलगांव की विधान परिषद सीट शिवसेना को, तो नासिक भाजपा को?

जलगांव/दि.28 – जिले में विधान परिषद चुनाव की पृष्ठभूमि में महायुति में सीट बंटवारे का गतिरोध दिन-ब-दिन गहराता दिख रहा था, लेकिन आखिरकार भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बीच हुई बातचीत के निर्णायक मोड़ पर पहुंचने की जानकारी राजनीतिक सूत्रों से सामने आ रही है. विशेष रूप से जलगाँव और नासिक, इन दो महत्वपूर्ण विधान परिषद सीटों को लेकर पिछले कुछ दिनों से जारी खींचतान अब अंतिम चरण में पहुँच गई है.
महायुति के वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. बताया जा रहा है कि इस बैठक में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव, विधान परिषद चुनाव और उत्तर महाराष्ट्र के राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से चर्चा हुई. हालांकि, बैठक के बाद भी आधिकारिक सीट बंटवारे की घोषणा नहीं किए जाने से स्थानीय स्तर पर इच्छुक उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं में काफी भ्रम की स्थिति है. जलगांव और नासिक, दोनों सीटों को प्रतिष्ठा का सवाल माना जा रहा है, इसलिए भाजपा और शिवसेना दोनों पक्षों की ओर से इन सीटों पर अपना दावा अधिक आक्रामक तरीके से पेश किया जा रहा है. जलगांव विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र पर भाजपा ने शुरू से ही सख्त रुख अपनाया था. जिले के स्थानीय निकायों में भाजपा का मजबूत संख्या बल, संगठनात्मक ताकत और पिछले कुछ वर्षों में पार्टी द्वारा बढ़ाया गया प्रभाव, इन आधारों पर भाजपा इस सीट को अपने पास रखने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही थी.
कई स्थानीय नेताओं ने मुंबई और दिल्ली में पार्टी आलाकमान से मुलाकात कर अपनी बात रखी, ऐसा भी बताया जा रहा है. भाजपा के इच्छुक उम्मीदवारों ने भी पिछले कुछ दिनों से जोरदार लामबंदी शुरू कर दी है और विभिन्न माध्यमों से अपनी ताकत दिखाने का प्रयास कर रहे हैं. लेकिन दूसरी ओर, शिवसेना की ओर से भी जलगाँव सीट को प्रतिष्ठा का सवाल माना जा रहा है, इसलिए उन्होंने किसी भी परिस्थिति में यह सीट छोड़ने से स्पष्ट इनकार कर दिया है, ऐसा सामने आया है. उत्तर महाराष्ट्र में पार्टी की ताकत बढ़ाने और आगामी चुनावों को देखते हुए संगठन को और अधिक मजबूत करने के लिए जलगाँव की सीट महत्वपूर्ण है, यह रुख शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं ने अपनाया है. इसलिए, महायुति की चर्चाओं में इस सीट को लेकर कई बार मतभेद पैदा होने की जानकारी सूत्रों से सामने आई है.
इस बीच, नासिक में भाजपा की ताकत और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए वह सीट भाजपा के खाते में जाने की संभावना और मजबूत हो गई है. नासिक के स्थानीय निकायों में भाजपा की पकड़ मजबूत होने के कारण वरिष्ठ नेतृत्व की ओर से उस सीट पर भाजपा का ही उम्मीदवार उतारने का रुझान है, ऐसा बताया जा रहा है. इसके बदले में जलगाँव की सीट शिवसेना को देकर दोनों दलों के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है, ऐसी जानकारी सामने आई है. इसलिए, अब जलगाँव में शिवसेना का उम्मीदवार कौन होगा?, इस ओर राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हैं.





