चांदुर बाजार के दुकानदारों को कोर्ट से राहत

25 जून को अगली सुनवाई

* पालिका के अतिक्रमण तोडने पर फिलहाल स्टे
चांदुर बाजार/दि.29 – नगर परिषद क्षेत्र में पालिका मालिकाना जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए गए दुकानों के कारण शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही है. साथ ही नेताजी चौक, आठवडी बाजार तथा किसान चौक परिसर में बढते अतिक्रमण के चलते यातायात व्यवस्था बाधित हो रही है और पालिका को आर्थिक नुकसान उठाना पड रहा है.
बताया जाता है कि, शहर के स्टेट बैंक के सामने स्थित 84 दुकानों की लीज करीब 20 वर्ष पूर्व रद्द कर दी गई थी. इसके बावजूद संबंधित दुकानदार वहां व्यवहार कर रहे थे. पालिका प्रशासन द्वारा इन दुकानों को अतिक्रमण मानते हुए हटाने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई थी. इतना ही नहीं, तो इन दुकानदारों से पिछले 20 वर्षों में न तो किराया वसूला गया और ना ही संपत्ति कर. जिससे पालिका को करोडों रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है. हालांकि इससे पहले ही दुकानदारों ने नोटिस के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. गुरुवार 28 मई को हुई सुनवाई में न्यायालय ने फिलहाल जैसे थे की स्थिति बनाए रखने के आदेश दिए है. मामले की अगली सुनवाई 25 जून को होगी.
यहां बता दें कि, वर्ष 2006 में इन दुकानों की लीज समाप्त हो चुकी थी. परंतु अब भी 84 दुकानदार वहीं व्यवसाय कर रहे थे. जहां शहर के सभी दुकानदारों से 5 प्रतिशत किराया वृद्धि के साथ संपत्ति कर वसूला जाता हैं, वहीं अतिक्रमण धारक दुकानदारों की ओर से लंबे समय तक अनदेखी की जा रही है. पालिका के अनुसार इन 84 दुकानदारों से संपत्ति कर व ब्याज की वसूली न होने से करोडों का राजस्व डूब गया था. सत्तारुढ गुट ने इस मामले को गंभीरता से लेकर प्रस्ताव पारित किया था. जिसके बाद मुख्याधिकारी ने अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया था. परंतु न्यायालय ने इस आदेश पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए है. जिसके कारण यह मामला फिर एक बार न्यायालय की लंबी चलनेवाली प्रक्रिया में अटक गया है. आगामी 25 जून को होनेवाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई है.

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