टाकरखेडा में मूंग की फसल बर्बाद

कटाई के बाद बेमौसम बारीश से फसले हुई चौपट

धारणी /दि.4 तहसील के टाकरखेडा क्षेत्र में हुई बेमौसम बारीश ने किसानों की ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है. कटाई के लिए तैयार मूंग की फसल किसानों ने काटकर खेतों में सुखाने के लिए रखी थी. लेकिन अचानक हुई तेज बारीश और पानी भर जाने से पूरी फसल भीगकर खराब हो गई. कई स्थानों पर मूंग में अंकुर निकल आए है, जबकि कटे हुए पौधों पर गाद जमने से फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. फसल कटाई के अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी. लेकिन बेमौसम बारीश ने एक ही रात में किसानों की महिनों की मेहनत पर पानी फेर दिया.
किसानों का कहना है कि पहले से ही बढती उत्पादन लागत, बाजार भाव में अनिश्चितता और कर्ज के बोझ के कारण वे आर्थिक संकट से जुझ रहे है. ऐसे में इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी मुश्किले और भी बढा दी है. कई किसानों को लाखों रूपये का नुकसान होने का अनुमान है. नुकसानग्रस्त किसानों ने प्रशासन से तत्काल खेतों का सर्वेक्षण कर पंचनामा करने और फसल नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग की है. किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण बार बार हो रहे नुकसान से कर्ज का ेबोझ लगातार बढ रहा है और खेती करना दिन ब दिन कठिण होता जा रहा है. किसानों ने राज्य सरकार और प्रशासन से मांग की है कि बेमौसम बारीश से प्रभावित किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए तथा फसल नुकसान का शिघ्र मुआवजा देकर उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि आगामी खेती के लिए वे तैयार हो सके.

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