गाय-को-बनाएं-राष्ट्रीय-पश

जमीयत उलेमा-ए-हिंद की मांग

* जिलाधीश को दिया निवेदन
अमरावती/दि.4– जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने आज जिलाधीश को निवेदन सौंपकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई. निवेदन में गाय की भारतवर्ष में प्राचीनकाल से चली आ रही महत्ता को विषद कर बूचडखाने में बंद करने एवं गौमांस निर्यात पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई. मौलवी मुश्ताक अशरफी के नेतृत्व में निवेदन देते समय हारुण खान, अब्दुल समद, मोहम्मद एहतेशाम, मुफ्ती मोहम्मद सादीक, ताजोद्दीन एहसानोद्दीन, कमर काजी, कारी सै. साजीद, मौलाना साहील, कमर इमरान, सैयद अरशद, मौलवी आमीर, हाजी नजीर बीके मौजूद थे.
निवेदन में कहा गया कि, भारत में प्राचीनकाल से ही गाय को धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक महत्व प्राप्त है. भारतीय कृषि व्यवस्था, डेयरी उद्योग, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गाय का योगदान मूल्यवान रहा है. विभिन्न सामाजिक वर्गो में गाय के प्रति सम्मान की भावना है. उसे भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. गाय के संवर्धन और संरक्षण के लिए केंद्र व राज्य सरकारों ने विभिन्न कानून तथा योजनाएं लागू की है. अत: जमीयत उलेमा-ए-हिंद अमरावती जिला की ओर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर गौमांस के सभी बूचडखाने बंद करने, गाय के चमडे से बनी वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने, गाय के नाम पर निर्दोषों पर हो रहा अत्याचार बंद करने की मांग जिलाधीश की.

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