पीएम मित्रा पार्क के विकास कार्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप

तकनीकी अनियमितताओं को लेकर उठे सवाल

अमरावती/दि.6– नांदगांव पेठ स्थित पंचतारांकित एमआईडीसी क्षेत्र में विकसित किए जा रहे पीएम मित्रा पार्क परियोजना के विभिन्न विकास कार्यों पर भ्रष्टाचार ञ्च् तकनीकी अनियमितताओं के आरोप लगने से विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय नागरिकों ने सड़कों, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट और अन्य बुनियादी सुविधाओं के निर्माण में अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से शासन के करोड़ों रुपये के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.
आरोपों के अनुसार आंतरिक सड़कों के निर्माण में आवश्यक सबग्रेड कंपैक्शन और गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया पूरी किए बिना जल्दबाजी में डामरीकरण किया गया. कई स्थानों पर बिटुमिनस लेयर की मोटाई निर्धारित मानकों से कम होने की बात कही जा रही है. कुछ सड़कों पर निर्माण पूरा होने से पहले ही दरारें, गड्ढे और सड़क किनारों के टूटने जैसी समस्याएं सामने आने का दावा किया गया है. ड्रेनेज निर्माण को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि तकनीकी मानकों के अनुसार आवश्यक ढाल (स्लोप) दिए बिना कई स्थानों पर नालियों का निर्माण कर दिया गया. ऐसे में बारिश के दौरान जल निकासी बाधित होने और गंदा पानी जमा होने की आशंका जताई जा रही है. इससे दुर्गंध, मच्छरों की बढ़ोतरी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. कुछ आरसीसी नालों में दरारें दिखाई देने तथा निम्न गुणवत्ता की सामग्री उपयोग किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं.
स्ट्रीट लाइट परियोजना में भी आर्थिक अनियमितताओं की आशंका व्यक्त की गई है. आरोप है कि एलईडी लाइट, केबल और पोल की खरीद में बाजार मूल्य से अधिक दरें दर्शाकर भुगतान किया गया. साथ ही कुछ स्थानों पर पोल के फाउंडेशन कमजोर होने से भविष्य में दुर्घटना की संभावना भी जताई गई है. स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ कार्यों का मापन वास्तविक निर्माण से अधिक दिखाकर अतिरिक्त निधि प्राप्त की गई. उनका कहना है कि तकनीकी निरीक्षण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने से ठेकेदारों को फायदा पहुंच रहा है. नागरिकों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
* अधिकारियों का पक्ष
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नरेंद्र विंचूरकर ने कहा कि परियोजना के सभी कार्य स्वीकृत आराखड़ों, निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता मानकों के अनुसार किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि ड्रेनेज लेवलिंग सहित प्रत्येक कार्य की नियमित तकनीकी निगरानी की जा रही है और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा रहा. उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी चरण पारदर्शी और नियोजित तरीके से पूरे किए जा रहे हैं तथा गुणवत्तापूर्ण और दीर्घकालीन सुविधाओं के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. साथ ही वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले सभी ड्रेनेज और नालियों के कार्य व्यवस्थित रूप से पूर्ण करने का प्रयास किया जा रहा है.

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