अ. भा. मराठी चित्रपट महामंडळ चुनाव में अंधविश्वास का मामला
मतगणना केंद्र के बाहर नींबू-अंगारा-अगरबत्ती

* 14 सीटों के लिए 44 उम्मीदवार मैदान में
कोल्हापुर/दि. 8- अखिल भारतीय मराठी चित्रपट महामंडळ के चुनाव की मतगणना के दौरान कोल्हापुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मतगणना शुरू होने से पहले केंद्र के बाहर एक कुर्सी पर नींबू, अंगारा और अगरबत्ती रखी हुई पाई गई. इस घटना से तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. करीब एक दशक बाद हो रहे इस चुनाव पर फिल्म जगत की विशेष नजर है. चुनाव से पहले उम्मीदवारी नामांकन, पैनल की राजनीति और विभिन्न आरोप-प्रत्यारोपों के कारण यह चुनाव पहले से ही चर्चा में था. ऐसे में मतगणना के दिन हुई इस घटना ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. यह सामग्री किसने और किस उद्देश्य से रखी, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
महामंडल की 17 सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई है, जिनमें से तीन उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए हैं. शेष 14 सीटों के लिए 44 उम्मीदवार मैदान में हैं और समर्थ पैनल, चित्रकर्मी पैनल तथा निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. मुंबई, पुणे और कोल्हापुर में मतदान संपन्न हुआ है और कोल्हापुर केंद्र पर सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया है. इस बीच, इस चुनाव में राजनीतिक हस्तक्षेप और आंतरिक गुटबाजी के आरोप भी सामने आए थे. कुछ कलाकारों ने चुनाव प्रक्रिया पर नाराजगी व्यक्त की थी, तो कुछ उम्मीदवारों के नामों को लेकर भी विवाद पैदा हुआ था. इसलिए मतगणना से पहले घटी इस घटना ने चुनाव के इर्द-गिर्द रहस्य और चर्चा का माहौल बना दिया है.
* मतदान का प्रतिशत 50 फीसदी से भी कम
अखिल भारतीय मराठी चित्रपट महामंडळ के चुनाव में कलाकारों, निर्माताओं और निर्देशकों के वर्ग से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली. मराठी फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियों द्वारा मतदान प्रक्रिया से दूरी बनाए रखने के कारण मतदान का प्रतिशत सीमित रहा. हालांकि, तकनीशियनों, पर्दे के पीछे काम करने वाले कलाकारों और महामंडल से जुड़े सदस्यों ने उत्साह के साथ मतदान में भाग लिया. इसलिए फिल्म जगत के प्रमुख चेहरों का निरुत्साह और तकनीकी विभाग की सक्रिय भागीदारी दिन भर चर्चा का विषय बनी रही.
मतदान के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोल्हापुर केंद्र ने राज्य में सबसे अधिक प्रतिक्रिया दर्ज की है. कोल्हापुर में कुल 746 मतदाताओं में से 517 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. पुणे के दो केंद्रों पर 724 में से 460 मतदाताओं ने मतदान किया, जबकि मुंबई के पांच मतदान केंद्रों पर 1569 मतदाताओं में से केवल 539 लोग मतदान के लिए उपस्थित हुए. इसके अलावा सोलापुर केंद्र पर 146 में से 63 और नासिक केंद्र पर 219 में से 119 मतदाताओं ने मतदान किया. कुल मिलाकर राज्य भर में मतदान का प्रतिशत 50 फीसदी से भी कम रहने के कारण फिल्म जगत के सदस्यों की भागीदारी पर सवाल उठाए जा रहे हैं.





