वैनगंगा नदी में नाव पलटी, दो युवकों की डूबने से मौत

नदी के बीच स्थित टापू पर नहाने गए थे सात युवक, पांच ने तैरकर बचाई जान

* भंडारा के करचखेड़ा गांव के पास हुआ हादसा, देर रात तक चला खोज एवं बचाव अभियान
भंडारा/ दि. 8 – भंडारा जिले के करचखेड़ा गांव के समीप वैनगंगा नदी में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे में दो युवकों की डूबने से मौत हो गई, जबकि पांच अन्य युवकों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए तैरकर अपनी जान बचा ली. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार 7 जून की शाम लगभग 6.30 बजे सात युवक एक निजी नाव से वैनगंगा नदी के बीच स्थित एक टापू पर नहाने के लिए गए थे. नहाने के बाद जब सभी युवक वापस लौट रहे थे, तभी नदी के मध्य भाग में अचानक नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई. नाव पलटते ही सभी युवक तेज बहाव वाले पानी में जा गिरे. हादसे में पवन मुरली चौबे (34 वर्ष, निवासी आंबेडकर वार्ड, भंडारा) तथा कृष्णा जगन्नाथ बोकड़े (26 वर्ष, निवासी चांदणी चौक, भंडारा) गहरे पानी में डूब गए. वहीं आकाश केवट, सुबोध विलास ढोक, काशीनाथ फत्तू मेश्राम, मृणाल बालकृष्ण मंदुकर और अर्जुन मोतीराम मेश्राम ने तैरकर किसी तरह नदी किनारे पहुंचते हुए अपनी जान बचा ली.
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग और जिला प्रशासन की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं. जिला नियंत्रण कक्ष के निर्देश पर जिला खोज एवं बचाव दल को भी मौके पर बुलाया गया. बचाव दल ने देर रात तक नदी में लापता युवकों की तलाश की. अधिकारियों के अनुसार नदी में बढ़ा जलस्तर, तेज बहाव और अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद प्रशासन और बचाव दल ने युद्धस्तर पर खोज अभियान जारी रखा.
* मानसून के दौरान बढ़ा नदी का खतरा
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मानसून की शुरुआत के साथ ही वैनगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है और कई स्थानों पर तेज धारा तथा गहरे गड्ढों के कारण नदी खतरनाक हो चुकी है. इसके बावजूद लोग बिना सुरक्षा उपकरणों के नदी में नाव से आवाजाही करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है.
* सुरक्षा नियमों के पालन की मांग
हादसे के बाद नागरिकों ने प्रशासन से नदी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने, निजी नावों के संचालन पर निगरानी बढ़ाने तथा लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य करने की मांग की है. लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी में प्रवेश करने वालों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.
* क्षेत्र में शोक का माहौल
दो युवकों की असमय मौत से भंडारा शहर तथा करचखेड़ा क्षेत्र में शोक का वातावरण है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है तथा दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है. वहीं स्थानीय नागरिकों ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई है.

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