विधायक बच्चू कडू के बयान पर मंत्री बावनकुले का पलटवार
गांव में पत्थर फोड़कर सीएम पद पर बयानबाजी उचित नहीं

* महायुति में समन्वय बनाए रखने की दी सलाह
* कोई भी बयान देने से पहले पार्टी नेतृत्व से चर्चा करने का दिया सुझाव
* नवनीत राणा को बताया भाजपा की कट्टर हिंदुत्ववादी नेता
* किसान कर्जमाफी पर सरकार का किया बचाव
अमरावती/ दि. 8 – महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर छिड़ी चर्चाओं के बीच राज्य के राजस्व मंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने शिवसेना विधायक बच्चू कडू को अप्रत्यक्ष रूप से फटकार लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री पद जैसे संवेदनशील विषयों पर सार्वजनिक मंचों से बयान देने के बजाय पहले पार्टी नेतृत्व से चर्चा करनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गांव-गांव में पत्थर फोड़कर मुख्यमंत्री पद पर अपनी भूमिका व्यक्त करना उचित नहीं है.
मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की यह प्रतिक्रिया विधायक बच्चू कडू द्वारा दिए गए उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को फिर से मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जताई थी और यहां तक कहा था कि देवेंद्र फडणवीस का केंद्र में प्रमोशन होना चाहिए. इसी बयान पर पलटवार करते हुए उपरोक्त प्रतिपादन करने के साथ ही मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महायुति सरकार को राज्य की जनता ने 51 प्रतिशत से अधिक समर्थन दिया है और यह महाराष्ट्र की सबसे मजबूत सरकारों में से एक है. भाजपा, शिवसेना और पूरी तरह एकजुट हैं तथा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में सरकार प्रभावी ढंग से काम कर रही है.
आज अमरावती दौरे पर रहने के दौरान जब मीडिया कर्मियों ने पालकमंत्री बावनकुले का ध्यान विधायक बच्चू कडू द्बारा दिए गये बयान की ओर दिलाया, तो उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली भेजने या उन्हें राज्य की राजनीति से बाहर करने का निर्णय लेने का अधिकार किसी के पास नहीं है. फडणवीस ने विकसित महाराष्ट्र का संकल्प लिया है और राज्य को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए काम कर रहे हैं. मंत्री बावनकुले ने कहा, हर कार्यकर्ता और नेता चाहता है कि उसके दल का नेता मुख्यमंत्री बने, यह स्वाभाविक है. लेकिन महायुति में सर्वसम्मति से देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं. कुछ विषय ऐसे होते हैं, जिन पर सार्वजनिक बयान देने से पहले पार्टी नेतृत्व से चर्चा करना आवश्यक होता है.
* समन्वय समिति के नियमों का पालन जरूरी
उन्होंने बताया कि महायुति की समन्वय समिति में यह तय किया गया है कि गठबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बयान देने से पहले संबंधित दलों के नेतृत्व से चर्चा की जाएगी. यदि कोई नेता इस व्यवस्था का पालन नहीं करता है तो उस विषय पर गठबंधन स्तर पर चर्चा की जाएगी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बावनकुले का यह बयान महायुति के भीतर अनुशासन और समन्वय बनाए रखने का संदेश है. हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर बच्चू कडू की आलोचना नहीं की, लेकिन उनके बयान को स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है.
* कर्जमाफी पर बच्चू कडू की नाराजगी को किया खारिज
किसान कर्जमाफी को लेकर विधायक बच्चू कडू द्वारा उठाए गए सवालों पर मंत्री बावनकुले ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने अपने चुनावी वादे के अनुरूप अब तक की सबसे बड़ी कर्जमाफी योजना लागू की है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में किसानों के लिए 36 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी दी गई है. सरकार केवल कर्जमाफी तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में किसान दोबारा कर्ज के बोझ तले न दबें, इसके लिए भी दीर्घकालिक नीति बनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि सरकार पूरी मजबूती से किसानों के साथ खड़ी है और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
* राज ठाकरे और इंडिया गठबंधन पर भी टिप्पणी
मनसे प्रमुख राज ठाकरे के इंडिया गठबंधन में शामिल होने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में बावनकुले ने कहा कि इस विषय पर संबंधित नेता ही बेहतर जवाब दे सकते हैं. उन्होंने कहा, संजय राऊत क्या बोलते हैं, यह राज ठाकरे सुनते होंगे और राज ठाकरे क्या कहते हैं, यह संजय राऊत सुनते होंगे. फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है.
* बाजोरिया प्रकरण में भाजपा का कोई संबंध नहीं
अमरावती विधान परिषद चुनाव में विप्लव बाजोरिया के नामांकन पत्र रद्द होने के मुद्दे पर बावनकुले ने भाजपा का किसी भी प्रकार का संबंध होने से साफ इनकार किया. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया स्वतंत्र है और भाजपा का उससे कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने दावा किया कि महायुति प्रत्याशी प्रवीण पोटे रिकॉर्ड मतों से चुनाव जीतेंगे. बावनकुले ने कहा, प्रवीण पोटे सर्वसमावेशक उम्मीदवार हैं. कोई भी उनके सामने चुनाव लड़ता, तब भी उनकी जीत निश्चित थी. इस बार वे सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए बड़ी जीत हासिल करेंगे.
* नवनीत राणा पर लगाया जा रहा अटकलों का विराम
राज्यसभा की संभावित उम्मीदवारी और भाजपा छोड़ने की अटकलों के बीच बावनकुले ने पूर्व सांसद नवनीत राणा का खुलकर समर्थन किया. उन्होंने कहा कि नवनीत राणा भाजपा की निष्ठावान और कट्टर हिंदुत्ववादी नेता हैं तथा वे कभी भी पार्टी नहीं छोड़ेंगी. उन्होंने कहा कि एक चुनाव हार जाने से किसी नेता का राजनीतिक भविष्य समाप्त नहीं हो जाता. बावनकुले ने कहा, आज भी हम नवनीत राणा को सांसद जैसा सम्मान देते हैं. वे कुछ मतों से चुनाव हारी हैं, लेकिन भविष्य में फिर जीतकर आएंगी. पार्टी उचित समय पर उनके राजनीतिक भविष्य के बारे में निर्णय लेगी.
* राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
बच्चू कडू द्वारा एकनाथ शिंदे को पुनः मुख्यमंत्री बनाने की सार्वजनिक मांग और उसके बाद बावनकुले की प्रतिक्रिया ने महायुति के भीतर नेतृत्व और शक्ति संतुलन को लेकर नई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है. हालांकि दोनों नेताओं ने गठबंधन की एकजुटता पर जोर दिया है, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर समय-समय पर सामने आने वाले बयानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल जरूर बढ़ा दी है.





