अमरावती ग्रामीण पुलिस का साइबर अपराधों पर सख्त रुख
जनजागरण अभियान तेज करने की अपील

अमरावती दि. 10- अमरावती ग्रामीण क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिला ग्रामीण पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. ग्रामीण पुलिस अधिक्षक के निर्देश पर लंबित साइबर धोखाधड़ी मामलों के पंजीयन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही भविष्य में प्राप्त होने वाली साइबर ठगी की शिकायतों को तत्काल दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
पुलिस प्रशासन का मानना है कि साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनजागरण सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है. इसी उद्देश्य से पत्रकारों, समाचार पत्रों, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालकों से नागरिकों को जागरूक करने में सक्रिय सहयोग की अपील की गई है. पुलिस के अनुसार वर्तमान में विभिन्न प्रकार की साइबर ठगी के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. इनमें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धमकाकर पैसे ऐंठना, शेयर बाजार एवं निवेश संबंधी फर्जी योजनाओं के जरिए ठगी, केवाईसी अपडेट या बैंक खाता बंद होने का भय दिखाकर धोखाधड़ी, पार्ट-टाइम नौकरी एवं वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ठगी, ओएलएक्स तथा ऑनलाइन खरीद-बिक्री से जुड़ी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप अकाउंट हैकिंग, फर्जी लोन ऐप के माध्यम से ठगी, क्यूआर कोड स्कैन एवं यूपीआई धोखाधड़ी, मैट्रिमोनियल एवं हनी ट्रैप ठगी तथा कूरियर, पार्सल या कस्टम विभाग के नाम पर होने वाली फर्जीवाड़े की घटनाएं प्रमुख हैं.
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें. किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें तथा निवेश या नौकरी के नाम पर मिलने वाले आकर्षक प्रस्तावों की सत्यता अवश्य जांचें.यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए अथवा श्न पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए. किसी भी आपात स्थिति में 112 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है.
पुलिस प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि मीडिया और नागरिकों के सहयोग से साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा तथा अनेक लोगों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकेगा.





