पहले अपने गिरहबान में झांक कर देखे कांग्रेस, फिर हमारी जांच कराए

सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने पूर्व मंत्री यशोमती ठाकुर के बयान पर किया पलटवार

* कांग्रेस सहित यशोमती ठाकुर को दी सीबीआई व ईडी जांच की खुली चुनौती
अमरावती/दि. 11– राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने कांग्रेस नेता यशोमति ठाकुर द्वारा विधान परिषद चुनाव के संदर्भ में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा है कि यदि आरोपों में कोई तथ्य है तो सीबीआई, ईडी अथवा किसी भी सक्षम जांच एजेंसी से जांच कराई जाए. भाजपा और महायुति जांच से पीछे हटने वाली नहीं है.
पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ. बोंडे ने कहा कि कांग्रेस को सबसे पहले यह बताना चाहिए कि जिस उम्मीदवार को उसने चुनाव मैदान में उतारा, उसका राजनीतिक, सामाजिक और व्यक्तिगत रिकॉर्ड जांचे बिना टिकट कैसे दे दिया गया. यदि आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अपने ही उम्मीदवारों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं तो यह कांग्रेस की निर्णय प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है. उन्होंने कहा कि उम्मीदवार घोषित करते समय प्रदेश नेतृत्व, वरिष्ठ नेताओं और संगठन ने उसकी जिम्मेदारी ली थी. अब यदि वही पार्टी अपने उम्मीदवारों पर सवाल उठा रही है तो उसे निष्पक्ष जांच की मांग करनी चाहिए. यदि जांच की मांग की जाती है तो बाद में जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना भी उचित नहीं होगा.
सांसद डॉ. बोंडे ने कहा कि यशोमति ठाकुर ने विधान परिषद चुनाव के संदर्भ में 15 से 20 करोड़ रुपये लेकर उम्मीदवारों को प्रबंधित किए जाने का आरोप लगाया है. यदि उन्हें अपने आरोपों पर विश्वास है तो वे संबंधित एजेंसियों के समक्ष प्रमाण प्रस्तुत करें. सच्चाई सामने आने से किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए.
इसके साथ ही विधान परिषद चुनाव को लेकर सांसद डॉ. बोंडे ने महायुति उम्मीदवार प्रवीण पोटे की जीत का भरोसा व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि जिला परिषदों, नगर निगमों, नगर परिषदों और अन्य स्थानीय स्वशासी संस्थाओं में महायुति समर्थित जनप्रतिनिधियों की संख्या अधिक है. ऐसे में स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र से होने वाले चुनाव में प्रवीण पोटे को व्यापक समर्थन मिलेगा और वे बड़े अंतर से विजयी होंगे. उन्होंने कहा कि महायुति ने हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और इसका लाभ विधान परिषद चुनाव में भी दिखाई देगा.
* कांग्रेस को करना चाहिए आत्ममंथन
कांग्रेस की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए सांसद डॉ. बोंडे ने कहा कि यदि पार्टी के नेताओं को अपने ही उम्मीदवारों पर संदेह है, तो कांग्रेस को अपनी निर्णय प्रक्रिया और उम्मीदवार चयन के मानदंडों की समीक्षा करनी चाहिए. विपक्ष पर आरोप लगाने के बजाय आत्ममंथन की आवश्यकता है.
* हार की आशंका होते ही संस्थाओं पर सवाल उठाती है कांग्रेस
सांसद डॉ. बोंडे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की यह पुरानी प्रवृत्ति रही है कि जब चुनाव में हार की संभावना दिखाई देती है, तो वह विभिन्न संस्थाओं पर सवाल उठाना शुरू कर देती है. कभी ईवीएम पर आरोप लगाए जाते हैं, कभी चुनाव आयोग पर और अब अपने ही उम्मीदवारों पर प्रश्न उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने निर्णयों और कार्यों की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए तथा जनता के सामने स्पष्ट और जवाबदेह रुख रखना चाहिए. यशोमति ठाकुर और कांग्रेस नेतृत्व को अपने आरोपों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए, अन्यथा इस प्रकार के बयान केवल राजनीतिक भ्रम पैदा करने का प्रयास माने जाएंगे.

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