जन्म प्रमाणपत्रों में कथित अनियमितताओं की जांच को पहुंचे भाजपा नेता

किरीट सोमैया के दौरे पर अमरावती मनपा में बवाल

* एमआईएम व सेना उबाठा के पार्षदों ने किया जोरदार विरोध
* ‘गो बैक सोमैया, वापस जाओ’ के नारों से गूंजा मनपा परिसर
* समय पर पुलिस के हस्तक्षेप से टला टकराव, कई पार्षद किए गये डिटेन
अमरावती/ दि. 11 – भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद किरीट सोमैया के आज अमरावती महानगरपालिका पहुंचते ही परिसर में राजनीतिक माहौल अचानक गर्मा गया. उनके आगमन का विरोध करने के लिए शिवसेना उबाठा एवं एमआईएम के नगरसेवकों सहित पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में मनपा परिसर में एकत्रित होते हुए किरीट सोमैया के अमरावती मनपा में आने का विरोध किया. विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘गो बैक सोमैया, वापस जाओ’ तथा ‘अमरावती की राजनीति में हस्तक्षेप बंद करो’ जैसे नारे लगाते हुए उनका रास्ता रोकने का प्रयास किया. अचानक हुए विरोध प्रदर्शन से महानगरपालिका परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई. राजनीतिक नारेबाजी और विरोध प्रदर्शनों के बीच माहौल गरमा गया. जिसकी जानकारी मिलते ही सिटी कोतवाली सहित खोलापुरी गेट पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का अतिरिक्त बंदोबस्त मनपा परिसर में तैनात किया गया. इस समय पुलिस प्रशासन की तत्परता और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. साथ ही पुलिस अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया और किरीट सोमैया को सुरक्षा घेरे में मनपा भवन तक पहुंचाया.
जानकारी के अनुसार भाजपा नेता व पूर्व सांसद किरीट सोमैया जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्रों से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में अमरावती पहुंचे थे. उनके दौरे की जानकारी पहले से सार्वजनिक होने के कारण विरोधी राजनीतिक दलों और संगठनों ने विरोध की तैयारी कर रखी थी. सोमैया के मनपा परिसर में प्रवेश करते ही सेना उबाठा एवं एमआईएम कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है. वहीं इस समय भाजपा समर्थकों का कहना था कि जनहित से जुड़े गंभीर मुद्दों को उठाने से रोकने के लिए विरोध किया जा रहा है. कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी का दौर चलता रहा. स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई और दोनों गुटों को अलग-अलग रखा गया, जिससे किसी प्रकार का टकराव नहीं हो सका.
* कडे सुरक्षा बंदोबस्त के बीच बुलेट प्रुफ जैकेट में निकले सोमैया
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता व पूर्व सांसद किरीट सोमैया को पहले ही झेड प्लस श्रेणी वाली सुरक्षा प्राप्त है. जिसके चलते उनके मनपा मुख्यालय में पहुंचने की बात को ध्यान में रखते हुए मनपा परिसर में तगडा बंदोबस्त तैनात किया गया था. साथ ही साथ मनपा परिसर में चल रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा नेता किरीट सोमैया को बुलेट प्रुफ जैकेट पहनाकर कार से बाहर निकाला गया और कडे सुरक्षा घेरे के बीच उन्हें मनपा मुख्यालय की इमारत में ले जाया गया.
* पार्षद मुनज्जर अली ने सोमैया पर फेंके टमाटर
खास बात यह रही कि मनपा परिषद में जबर्दस्त सुरक्षा इंतजाम रहने के बावजूद विरोध प्रदर्शन में शामिल एमआयएम के स्वीकृत पार्षद सैयद मुनज्जर अली ने पूर्व सांसद किरीट सोमैया की ओर टमाटर फेंके. जिसके बाद मौकेे पर बंदोबस्त में तैनात पुलिस कर्मियों ने पार्षद मुनज्जर अली सहित एमआयएम के अन्य पार्षदों व समर्थकों को एहतियात के तौर पर अपनी हिरासत में लिया. जिन्हें पूर्व सांसद सोमैैया के मनपा परिसर से वापिस चले जाने के बाद रिहा कर दिया गया.
* जन्म प्रमाणपत्रों में 25 हजार अनियमितताओं का दावा
महानगरपालिका अधिकारियों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए किरीट सोमैया ने जन्म प्रमाणपत्रों के मामले में गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि नाम परिवर्तन, स्पेलिंग सुधार और अन्य संशोधनों के नाम पर बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन किया गया है. सोमैया के अनुसार वर्ष 2025 में 35,140 तथा वर्ष 2026 में 5,693 जन्म प्रमाणपत्र जारी किए गए. इस प्रकार दो वर्षों में कुल 40,833 से अधिक जन्म प्रमाणपत्रों की नोंद दर्ज हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से लगभग 25 हजार प्रमाणपत्रों में संशोधन किए गए हैं और इन संशोधनों के संबंध में उपलब्ध दस्तावेजों तथा प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई. जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए जिनमें पर्याप्त अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए. उनके अनुसार यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं बल्कि एक सुनियोजित अनियमितता का मामला हो सकता है.
* 4,800 विलंबित प्रमाणपत्र रद्द होने का दावा
इस पूरे हंगामें के बीच पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने मनपा के सुदाम काका देशमुख सभागार में एक पत्रवार्ता को भी संबोधित किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि खुद उन्होंने ही फरवरी 2025 में अमरावती आकर फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी तथा उनके द्बारा दर्ज कराई गई शिकायत के चलते ही अमरावती में जारी किए गए लगभग 4,800 विलंबित जन्म प्रमाणपत्र पहले ही रद्द किए जा चुके हैं. इस समय पूर्व सांसद सोमैया ने दावा किया कि अमरावती में जारी जन्म प्रमाणपत्रों और उनमें किए गए संशोधनों की संख्या कई बड़े शहरों की तुलना में असामान्य रूप से अधिक दिखाई देती है, जिसकी गहन जांच आवश्यक है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार पहले लगभग तीन लाख संदिग्ध जन्म प्रमाणपत्रों को रद्द कर चुकी है. ऐसे में अमरावती में सामने आए मामलों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है.
* तीन अधिकारी निलंबित, कर्मचारियों पर भी कार्रवाई
इस समय भाजपा नेता सोमैया ने यह दावा भी किया कि उनके द्बारा फर्जी जन्म प्रमाणपत्र मामले के चलते अब तक तीन स्वास्थ्य अधिकारियों और तीन कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है. साथ ही संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण भी दर्ज किए गए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि महानगरपालिका अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह तय किया गया है कि अगले 15 दिनों के भीतर सभी विवादित जन्म प्रमाणपत्रों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी. रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन प्रमाणपत्रों में संशोधन किए गए, वे किस आधार पर किए गए और क्या पूरी प्रक्रिया नियमानुसार हुई थी. सोमैया ने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या फर्जीवाड़ा सिद्ध होता है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
Chetan-Gawande-amravati-mandal
* विरोध के बाद भाजपा का पलटवार
एमआयएम एवं शिवसेना उबाठा द्बारा किए गये विरोध प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं ने एमआईएम पर तीखा हमला बोला. अमरावती महानगरपालिका के सभागृह नेता चेतन गावंडे ने कहा कि किरीट सोमैया के दौरे का विरोध राजनीतिक हताशा का परिचायक है. उन्होंने आरोप लगाया कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर चर्चा न हो, प्रशासन की जवाबदेही तय न हो और जनता के सामने वास्तविक स्थिति उजागर न हो, इसलिए विरोध का रास्ता अपनाया गया. गावंडे ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी जनप्रतिनिधि या पूर्व जनप्रतिनिधि को प्रशासन से जवाब मांगने का अधिकार है. ऐसे अधिकार का विरोध करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है. चेतन गावंडे ने कहा कि एमआईएम और सेना उबाठा के पास जनहित के मुद्दों पर बताने के लिए कोई ठोस काम नहीं है. इसलिए वह केवल विरोध की राजनीति कर रही है.
*सोमैया का एमआईएम ने किया पुरजोर विरोध
विरोध प्रदर्शन में शामिल एमआईएम पार्षदों व कार्यकर्ताओं का कहना था कि किरीट सोमैया का दौरा राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है. उनका आरोप था कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर लाभ उठाने का प्रयास कर रही है. इसी कारण उन्होंने मनपा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. हालांकि विरोध के दौरान किसी प्रकार की हिंसा नहीं हुई और पुलिस प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित किया.
* जांच रिपोर्ट पर टिकीं निगाहें
जन्म प्रमाणपत्रों में कथित अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोपों और मनपा परिसर में हुए राजनीतिक टकराव के बाद अब सभी की निगाहें महानगरपालिका प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी. फिलहाल यह मुद्दा अमरावती की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए चर्चा का केंद्र बना हुआ है. आने वाले दिनों में जांच की दिशा और उसके निष्कर्ष इस मामले के राजनीतिक प्रभाव को भी तय करेंगे.

Back to top button