ऐन विधान परिषद के चुनावी मुहाने पर

कांग्रेस नेताओं की हुई महत्वपूर्ण बैठक

* आज शाम जिले भर के गटनेताओं से होगी चर्चा
* पूर्व मंत्री डॉ. देशमुख ने अपने ही पार्षदों पर लगाए गंभीर आरोप
* कांग्रेस पार्षदों द्बारा प्रतिस्पधी प्रत्याशी से पैसे लेने की बात स्वीकारी
अमरावती/दि.16 – परसों 18 जून को विधान परिषद की सीट हेतु अमरावती निकाय निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव होना है. जिससे ठीक दो दिन पहले आज सुबह जिले भर के कांग्रेस नेताओं की बैठक जिले की कांग्रेसी सांसद बलवंत वानखडे के स्थानीय कांग्रेस नगर मार्ग स्थित जनसंपर्क कार्यालय में हुई. इस बैठक में सांसद बलवंत वानखडे सहित पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख, पूर्व विधायक राजकुमार पटेल व प्रा. वीरेंद्र जगताप, कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष बबलू देशमुख व शहराध्यक्ष बबलू शेखावत तथा मनपा के नेता प्रतिपक्ष विलास इंगोले उपस्थित थे. इन सभी नेताओं द्बारा इस बैठक में परसों होने जा रहे चुनाव को लेकर विचार विमर्श करने के साथ ही आज शाम 7 बजे जिले के सभी निकायों के कांग्रेस गट नेता के साथ बैठक करने की बात तय की गई. जिसके चलते आज शाम 7 बजे स्थानीय निकायों के सभी गट नेताओं की बैठक कांग्रेस सांसद बलवंत वानखडे के स्थानीय कार्यालय में ही बुलाई गई है.
उल्लेखनीय है कि आज सुबह हुई बैठक के बाद बाहर निकले पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख ने साफ शब्दों में आरोप लगाया कि विधान परिषद के चुनाव प्रचार दौरान मतदाता सदस्यों के बीच पैसों का जमकर ‘वाटप’ हुआ है. यह अपने आप में बेहद गंभीर बात है. ऐसे में हालात की समीक्षा करने हेतु आज शाम सभी गटनेताओं को अमरावती तलब करते हुए उनके साथ बैठक करने का निर्णय लिया गया. इस समय कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख द्बारा अचानक ही चुनावी मैदान से अपने कदम पीछे खींच लिए जाने को लेकर पूछे गये सवाल पर पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख ने कहा कि हर्षजीत देशमुख ने खुद आकर विधान परिषद का चुनाव लडने की इच्छा जताते हुए कांग्रेस की टिकट मांगी थी और क्योंकि हमारे पास भी विधान परिषद के लिए कोई दो चार दावेदारों की प्रतिस्पर्धा नहीं थी. जिसके चलते हमने हर्षजीत देशमुख के नाम को ही आगे बढाया था. लेकिन इसके बाद हर्षजीत देशमुख ने जो किया, उसे पूरी तरह से अनपेक्षित कहा जा सकता है. ऐसा कुछ होने की किसी ने उम्मीद नहीं की थी. इसके साथ ही पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख ने यह भी कहा कि भाजपा ने चुनावी परंपरा एवं पध्दति को बर्बाद करने का काम किया है. जिसके तहत प्रतिस्पर्धी प्रत्याशी को डराने धमकाने एवं विपक्षी दलों के मतदाताओं को लालच व प्रलोभन देते हुए अपने पक्ष में करने का काम किया जा रहा है. यही वजह है कि जहां एक ओर राज्य की कई सीटों पर भाजपा व युति प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत हुई वहीं अब अमरावती सहित अन्य कुछ सीटों पर भाजपा एवं महायुति द्बारा एक तरफा जीत जैसा माहौल तैयार किया गया है. जिसके लिए निश्चित तौर पर सत्ता और पैसों का दुरूपयोग किया जा रहा है.

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