चिरंजीवी टूरिज्म के संचालक पर दुर्व्यवहार और धोखाधड़ी के आरोप

पर्यटकों ने पत्रकार परिषद में रखी शिकायत

अमरावती/दि.16 – चिरंजीवी टूरिज्म, दस्तूरनगर के संचालक डॉ. किरण पांडे पर पर्यटकों के एक समूह ने दुर्व्यवहार, अव्यवस्था और आर्थिक धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. मंगलवार को आयोजित पत्रकार परिषद में वरिष्ठ नागरिकों सहित 15 पर्यटकों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए टूर के दौरान हुई कथित परेशानियों की पूरी जानकारी दी.
पत्रकार परिषद में एड. अरुण ठाकरे (70), विवेक मार्कंडेय (70), डॉ. रामसिंह येवतीकर (65), सुजित देशमुख, डॉ. जितेंद्र राजकुमार, वैशाली अनासाने, डॉ. आर्यन जीतेंद्रसिंह राजकुमार सहित अन्य पर्यटक उपस्थित थे. उन्होंने बताया कि 20 मई से 29 मई तक मनाली रोहतांगपास, धर्मशाला, डलहोसी, खजियार, अमृतसर ऐसा पर्यटन पैकेज के लिए प्रति व्यक्ति 23 हजार 500 रुपये का चिरंजीवी टूरिज्म के संचालक डॉ. किरण पांडे को भुगतान किया गया था. इस टूर में कुल 15 लोग शामिल थे, जिनमें वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं और बच्चे भी थे.
* रेलवे स्टेशन पर ही पैसे मांगने का आरोप
पर्यटकों के अनुसार, 22 मई को अंबाला पहुंचने पर उन्हें लेने के लिए आई 17-सीटर बस के चालक ने अतिरिक्त 10 हजार रुपये की मांग की. जबकि टूर की पूरी राशि पहले ही जमा कर दी गई थी. पर्यटकों ने इसे टूर प्रबंधन की गंभीर लापरवाही बताया.
* होटल व्यवस्था पर सवाल
समूह का आरोप है कि मनाली में जिस होटल में ठहराया गया, उसकी स्थिति बेहद खराब थी. होटल तक पहुंचने के लिए उचित सड़क और पार्किंग की व्यवस्था नहीं थी. फिसलन भरे रास्ते से सामान लेकर जाने के दौरान कुछ वरिष्ठ नागरिक गिर भी गए. उन्होंने बताया कि सुबह 11.30 बजे होटल पहुंचने के बावजूद उन्हें दोपहर 2 बजे के बाद कमरे दिए गए. एक कमरे का गीजर खराब था, जिसकी शिकायत बार-बार करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया.
* टूर संचालक पर सहयोग नहीं करने का आरोप
पर्यटकों का कहना है कि शिकायतों के दौरान डॉ. किरण पांडे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन बंद मिला. बाद में संपर्क होने पर भी उन्होंने कथित रूप से सहयोग नहीं किया और शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया. पर्यटकों ने आरोप लगाया कि होटल प्रबंधन का व्यवहार भी असहयोगपूर्ण और अभद्र था. होटल में सामान उठाने-रखने के लिए कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं कराया गया.
* टूर मैनेजर नहीं, ड्राइवर को भी रास्तों की जानकारी नहीं
समूह का आरोप है कि पूरे टूर में कोई टूर मैनेजर साथ नहीं था. जिस वाहन से यात्रा कराई गई, वह पुराना और असुविधाजनक था. वाहन चालक को कई पर्यटन स्थलों और मार्गों की जानकारी नहीं थी, जिसके कारण यात्रियों को स्वयं मोबाइल मैप के जरिए रास्ते बताने पड़े. पर्यटकों का कहना है कि उन्हें कोई स्पष्ट यात्रा कार्यक्रम या रूट मैप नहीं दिया गया था, जिससे कई महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों का भ्रमण नहीं हो सका और उनका समय बर्बाद हुआ.
* आर्थिक नुकसान की भरपाई की मांग
पत्रकार परिषद में पर्यटकों ने आरोप लगाया कि अव्यवस्था और लापरवाही के कारण उनके टूर के दो दिन पूरी तरह खराब हो गए. उन्होंने लगभग एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए संबंधित मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है. हालांकि, इस मामले में समाचार प्रकाशित होने तक चिरंजीवी टूरिज्म या डॉ. किरण पांडे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी. यह आरोप पत्रकार परिषद में पर्यटकों द्वारा लगाए गए हैं.

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