चरवाहों को मिलेगा स्थायी रोजगार
पोहरा में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

अमरावती /दि.17- राज्य के भेडपाल (चरवाहा) धनगर समुदाय के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. मेंढपाळ धनगर विकास मंच के संस्थापक अध्यक्ष संतोष महात्मे की मांगों को ध्यान में रखते हुए कृषि मंत्री दत्तामामा भरणे की पहल पर यह बैठक आयोजित की गई.
मंत्री पंकजा मुंडे के कार्यालय में हुई बैठक में चरवाहों को स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘सेमी-कंफाइंड शीप फार्मिंग प्रोजेक्ट’ लागू करने पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में इस परियोजना को प्रायोगिक आधार पर शुरू करने के लिए सकारात्मक निर्णय लिए गए. योजना के तहत अमरावती जिले के पोहरा में पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर बकरी एवं भेड़ विकास महामंडल के माध्यम से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सेमी-कंफाइंड भेड़ पालन केंद्र स्थापित किया जाएगा. परियोजना के पहले चरण में अमरावती, धुले, बुलढाणा और सोलापुर जिलों में इसे लागू करने की रूपरेखा तैयार की गई है. इससे खानाबदोश चरवाहों को एक ही स्थान पर रोजगार और आय के स्थायी अवसर उपलब्ध हो सकेंगे. बैठक में मंत्री पंकजा मुंडे, कृषि मंत्री दत्तामामा भरणे, पशुसंवर्धन विभाग के सचिव डॉ. रामास्वामी, विधायक प्रताप अडसड, महामंडल के व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. शीतलकुमार मुकने सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. वहीं चरवाहा समाज की ओर से संतोष महात्मे, पल्लवी लांडे, रमेश सरक, दगडू ठेलारी और राज्य बाल हक्क संरक्षण आयोग के सदस्य प्रवीण भुजाड़े ने समुदाय की प्रमुख समस्याएं रखीं.
* भटकते जीवन से स्थायी बसावट की ओर
बैठक में बताया गया कि यह परियोजना धनगर समाज को भटकंती से स्थायित्व की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है. इससे वर्षों से जंगलों और ग्रामीण क्षेत्रों में भेड़ पालन कर जीवनयापन करने वाले परिवारों को नियमित आय, आवास, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा. अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि यह योजना हजारों चरवाहा परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक होगी.





