एमपीएससी की ऑनलाइन सीबीटी परीक्षा का युकां ने किया विरोध

12 जुलाई तक फैसला वापस लेने की चेतावनी

* अमरावती में शहराध्यक्ष वैभव देशमुख की पत्रकार परिषद
* कहा- छात्रों के हितों से समझौता नहीं, जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरेंगे
अमरावती/दि.3 – महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा वर्ष 2027 से संयुक्त गट-सी परीक्षा ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट पद्धति से आयोजित करने तथा गट-ए, बी और सी की प्रारंभिक परीक्षा अलग-अलग चरणों में लेने के निर्णय का महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है. अमरावती शहर युवक कांग्रेस के अध्यक्ष वैभव देशमुख ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकार परिषद में कहा कि यदि 12 जुलाई तक यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो राज्यभर में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा.
वैभव देशमुख ने कहा कि राज्य के लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों का एमपीएससी पर एक पारदर्शी और विश्वसनीय संवैधानिक संस्था के रूप में भरोसा है. लेकिन विभिन्न विभागों की ऑनलाइन परीक्षाओं में तकनीकी गड़बड़ियों, सर्वर फेल होने और पारदर्शिता पर उठे सवालों के कारण उम्मीदवारों में ऑनलाइन परीक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं हैं. ऐसे में एमपीएससी की परीक्षाएं पहले की तरह ऑफलाइन पद्धति से ही आयोजित की जानी चाहिए. पत्रकार परिषद में युवक कांग्रेस ने एमपीएससी के परिपत्र पर कई गंभीर आपत्तियां भी दर्ज कराईं. संगठन का कहना है कि आयोग के परिपत्र के बिंदु 3 और 8 में विरोधाभास है. एक ओर आयोग प्रशासनिक कठिनाइयों का हवाला देकर ऑनलाइन परीक्षा की आवश्यकता बता रहा है, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन परीक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन और मशीनरी उपलब्ध होने का दावा किया गया है. युवक कांग्रेस का कहना है कि हाल की ऑफलाइन परीक्षाओं के परिणाम भी 14 से 22 दिनों के भीतर घोषित किए गए हैं, इसलिए केवल प्रशासनिक कारणों के आधार पर ऑनलाइन प्रणाली लागू करने का तर्क उचित नहीं है.
युवक कांग्रेस ने आयोग पर अन्य राज्यों की परीक्षा प्रणाली को लेकर भी भ्रामक जानकारी देने का आरोप लगाया. संगठन का दावा है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में आज भी कई भर्ती परीक्षाएं ऑफलाइन पद्धति से आयोजित की जा रही हैं. संगठन ने मुख्य परीक्षा में प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग परीक्षा शुल्क लेने के निर्णय का भी विरोध किया. वैभव देशमुख ने कहा कि पहले प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए एकमुश्त शुल्क लिया जाता था, लेकिन अब प्रत्येक पद के लिए अलग शुल्क निर्धारित करना आर्थिक रूप से कमजोर उम्मीदवारों पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला फैसला है. इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए.
उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष शिवराज भरे के नेतृत्व में पार्टी पूरे राज्य के प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्रों के साथ खड़ी है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, विधायक सतेज पाटिल, विधायक विजय वडेट्टीवार सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी छात्रों की मांगों का समर्थन किया है. वैभव देशमुख ने चेतावनी दी कि यदि 12 जुलाई तक एमपीएससी ने ऑनलाइन सीबीटी प्रणाली और मुख्य परीक्षा शुल्क संबंधी निर्णय वापस नहीं लिए, तो राज्यभर में प्रतियोगी परीक्षार्थियों के साथ लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू किया जाएगा. अमरावती शहर युवक कांग्रेस भी इस आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेगी और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी. पत्रकार परिषद में वैभव देशमुख के अलावा समीर जवंजाल, अक्षय साबले, कुलदीप विधले, आशीष यादव, राहुल साबले, राहुल बागडे, संकेत साहू, धनंजय बोबडे, प्रियाल मोहोड, कृणाल गावंडे, प्रफुल्ल तंतरपाले, ओम कुबडे आदि उपस्थित थे.

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