स्कूलों के 500 मीटर दायरे में नहीं बिकेगा ‘स्टिंग’

तुकाराम मुंढे के आते ही महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला

* छात्रों में बढ़ती लत और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के चलते लिया गया निर्णय
* नियम तोड़ने वालों पर होगी बेहद सख्त कार्रवाई
मुंबई/दि.3- महाराष्ट्र सरकार ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है. अब राज्यभर में स्कूल परिसरों और उनके 500 मीटर के दायरे में लोकप्रिय एनर्जी ड्रिंक ‘स्टिंग’ की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाएगा. इस संबंध में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं. विधान परिषद में यह मुद्दा उठाए जाने के बाद सरकार ने कार्रवाई का निर्णय लिया. सरकार का मानना है कि अधिक कैफीन और शर्करा युक्त पेयों का बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. इसी कारण स्कूलों के आसपास इनकी उपलब्धता सीमित करने का फैसला लिया गया है.
* स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर
विधान परिषद में चर्चा के दौरान यह मुद्दा सामने आया कि विद्यार्थियों में एनर्जी ड्रिंक्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे पेयों में मौजूद कैफीन और शर्करा का अत्यधिक सेवन बच्चों में लत, नींद की समस्या, बेचैनी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां पैदा कर सकता है.
* स्कूलों में जागरूकता अभियान भी शुरू
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने केवल बिक्री पर नियंत्रण ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जागरूक करने की पहल भी शुरू की है. स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों को विद्यार्थियों को ऐसे पेयों के संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चे स्वयं इनके सेवन से बच सकें.
* नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों के आसपास प्रतिबंधित क्षेत्र में ऐसे पेयों की बिक्री पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को निगरानी और जांच अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग पहले से ही राज्यभर में खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर व्यापक निरीक्षण अभियान चला रहा है. इस निर्णय को विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है.

Back to top button