डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के लिए इर्विन चौराहे पर अर्धदफन आंदोलन
दो घंटे बाद खत्म हुआ आंदोलन, आंदोलनकर्ता अस्पताल में भर्ती

अमरावती/दि.6– शहर के इर्विन चौक पर रविवार को डॉ. बाबासाहेब आंंबेडकर स्मारक की भूमि तत्काल हस्तांतरित करने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता शेषनाग गजभिये ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने सुबह करीब 11.30 बजे ‘आधा दफन’ आंदोलन शुरू किया, जिससे प्रशासन और पुलिस महकमे में हलचल मच गई. लगभग दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन का समापन प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद हुआ.
बताया गया कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के लिए प्रस्तावित भूमि का मामला वर्ष 2016 से न्यायालय में लंबित है. स्मारक निर्माण की मांग को लेकर वर्षों से विभिन्न आंबेडकरवादी संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता आंदोलन, धरना और ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं. लंबे समय तक समाधान नहीं निकलने पर गजभिये ने यह अनोखा आंदोलन किया. दोपहर करीब 1.30 बजे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिखित आश्वासन दिया कि आंदोलनकारियों की मांगों को जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार तक भेजा जाएगा. इसके बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया. हालांकि दो घंटे तक जमीन में दबे रहने के कारण शेषनाग गजभिये की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए इर्विन अस्पताल में भर्ती कराया गया. आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक के लिए भूमि का तत्काल हस्तांतरण, इर्विन अस्पताल का नाम बदलकर ‘डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जनरल हॉस्पिटल’ करना, शिवटेकड़ी पर छत्रपति शिवाजी महाराज की 101 फीट ऊंची प्रतिमा तथा जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की 50 फीट ऊंची पूर्णाकृति प्रतिमा स्थापित करना शामिल है. आंदोलन को पूर्व राज्यपाल डॉ. कमलताई गवई का भी समर्थन मिला. आंदोलन की जानकारी मिलते ही वह इरविन चौक पहुंचीं और शेषनाग गजभिये के आंदोलन का समर्थन किया. इस दौरान विभिन्न आंबेडकरवादी संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी आंदोलन में शामिल रहे.





