दिलीप वलसे पाटिल को वित्त मंत्री पद मिलने की चर्चा
वलसे पाटिल बोले, फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा

* दोनों एनसीपी के एकीकरण पर भी दिए संकेत
पंढरपुर/मुंबई/दि.4 – महाराष्ट्र की राजनीति में राज्य के वित्त मंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. माना जा रहा है कि यह महत्वपूर्ण विभाग जल्द ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) को वापस मिल सकता है. इसी बीच वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल का नाम संभावित वित्त मंत्री के रूप में चर्चा में है. हालांकि वलसे पाटील ने इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस संबंध में अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व ही करेगा. पंढरपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, मेरे वित्त मंत्री बनने की चर्चा केवल मीडिया में चल रही है. इस बारे में जो भी फैसला होगा, वह पार्टी के वरिष्ठ नेता उचित समय पर करेंगे.
बता दे कि, तत्कालिन उपमुख्यमंत्री व वित्तमंत्री अजित पवार के निधन के बाद राज्य का वित्त विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है. उस समय कहा गया था कि बजट सत्र के बाद यह विभाग पुनः राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित गुट) को सौंप दिया जाएगा. लेकिन बजट सत्र समाप्त होने के बावजूद विभाग अभी तक मुख्यमंत्री के पास ही है, जिससे राजनीतिक अटकलों को बल मिला है. जिसे लेकर वलसे पाटील ने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व इस विषय पर विचार-विमर्श कर रहा है तो इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में भविष्य की घटनाओं का अनुमान लगाना कठिन होता है और उचित समय आने पर सभी को निर्णय की जानकारी मिल जाएगी.
* दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस के एकीकरण पर भी बोले
शरद पवार और अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर पूछे गए सवाल पर वलसे पाटील ने कहा कि ऐसी प्रक्रियाएं एक दिन में पूरी नहीं होतीं. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण और निर्वाचन क्षेत्र पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण कार्य अभी जारी हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों दलों के एकीकरण का निर्णय दोनों पक्षों के राष्ट्रीय अध्यक्षों के स्तर पर होगा और जब कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा, तब उसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी. उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में दोनों गुटों के बीच चल रही संभावित बातचीत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
* 2029 में महायुति साथ लड़ेगी या नहीं?
आगामी 2029 विधानसभा चुनाव में महायुति के एकजुट होकर चुनाव लड़ने की संभावना पर वलसे पाटील ने कहा कि फिलहाल इस बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसमें कोई बाधा भी नहीं दिखती. उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी निर्णय महायुति के तीनों प्रमुख सहयोगी दलों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा सामूहिक रूप से लिया जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वित्त विभाग को लेकर चल रही चर्चाएं और राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुटों के संभावित समीकरण आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं.





