पत्नी के निधन के गम में खोया 25 लाख के गहनों का बैग

अमरावती पुलिस ने 30 घंटे में हैदराबाद से किया बरामद

* शोक में डूबे परिवार की अमूल्य धरोहर लौटाकर पुलिस ने पेश की मानवता की मिसाल
अमरावती/दि.4 – पत्नी के निधन के गहरे सदमे में डूबे एक सरकारी कर्मचारी का करीब 25 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषणों से भरा बैग खो गया. मानसिक तनाव के कारण उन्हें यह भी पता नहीं चल पाया कि बैग कहां छूट गया. शिकायत मिलते ही अमरावती की राजापेठ पुलिस ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए महज 30 घंटे के भीतर हैदराबाद से बैग बरामद कर सुरक्षित उसके मालिक को सौंप दिया.
जानकारी के अनुसार, अमरावती निवासी गजानन वर्धे अपनी गंभीर रूप से बीमार पत्नी का इलाज कराने के लिए 29 जून को हैदराबाद गए थे. इलाज के दौरान 30 जून को उनकी पत्नी का निधन हो गया. इस दुखद घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में आ गया. इलाज के दौरान आर्थिक जरूरत पड़ने की आशंका को देखते हुए गजानन वर्धे अपने साथ करीब 25 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषणों से भरा बैग भी लेकर गए थे. पत्नी के निधन के बाद अंतिम संस्कार और मानसिक आघात के कारण उन्हें यह ध्यान ही नहीं रहा कि गहनों से भरा बैग कहीं छूट गया है. 3 जुलाई को अमरावती में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब उन्हें बैग गायब होने का पता चला, तो उन्होंने तत्काल राजापेठ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई. पुलिस ने तकनीकी जांच के साथ 50 से 60 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और विभिन्न सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया. लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम हैदराबाद पहुंची और करीब 30 घंटे की अथक मेहनत के बाद एक होटल से गहनों से भरा बैग सुरक्षित बरामद कर लिया. इसके बाद बैग अमरावती लाकर गजानन वर्धे को सौंप दिया गया. अपना बैग वापस मिलने पर गजानन वर्धे भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सोने के गहनों का बैग नहीं था, बल्कि उनकी दिवंगत पत्नी की जीवनभर की यादों से जुड़ी अमूल्य धरोहर थी. बैग वापस मिलने से उन्हें ऐसा लगा मानो पत्नी की यादें फिर से लौट आई हों. इस सराहनीय कार्रवाई के बाद अमरावती पुलिस की कार्यकुशलता, तत्काल कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता की हर ओर प्रशंसा हो रही है. नागरिकों का कहना है कि पुलिस ने केवल लाखों रुपये के आभूषण ही सुरक्षित नहीं लौटाए, बल्कि एक शोकाकुल परिवार की भावनाओं का सम्मान कर लोगों का पुलिस पर विश्वास भी और मजबूत किया.

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