महाराष्ट्र और एमपी की सीमा सुरक्षा की जाएगी मजबूत
दोनों राज्यों पर कानून सुव्यवस्था मजबूत बनाने हुई अंतरराज्यीय समन्वय बैठक

* अवैध हथियार, मवेशी तथा शराब तस्करी पर रोक लगाने हुआ मंथन
अमरावती/दि.4 – महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा से जुड़े जिलों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा अपराध नियंत्रण के लिए अमरावती ग्रामीण पुलिस की ओर से शनिवार 4 जुलाई को परतवाड़ा स्थित शासकीय विश्रामगृह में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई.
बैठक का उद्देश्य दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और सीमा क्षेत्र में होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना था. इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, फरार एवं वांछित अपराधियों की जानकारी साझा करने, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की तस्करी, मवेशी तस्करी, अवैध शराब कारोबार, वाहन चोरी, साइबर अपराध, मानव तस्करी, वन्यजीव अपराध, वारंट तामील तथा अन्य गंभीर मामलों में संयुक्त कार्रवाई पर विस्तृत चर्चा की गई. बैठक में निर्णय लिया गया कि दोनों राज्यों की पुलिस नियमित रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान करेगी, संयुक्त अभियान चलाएगी तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और सीमा क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण के लिए आपसी समन्वय को और मजबूत किया जाएगा.
बैठक में विशेष पुलिस महानिरीक्षक डॉ. महेश पाटिल, पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दत्ता तोटेवाड़, उपविभागीय पुलिस अधिकारी माधव गरुड़, स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक अशोक लांडे सहित अमरावती जिले के मध्य प्रदेश सीमा से लगे सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे. मध्य प्रदेश की ओर से उप पुलिस महानिरीक्षक मिथिलेश कुमार शुक्ला, बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र कुमार जैन, पांढुर्ना के पुलिस अधीक्षक प्रकाश सिंह परिहार, बुरहानपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेंडे तथा बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा और पांढुर्ना जिलों के सीमा क्षेत्र के थाना प्रभारी भी बैठक में शामिल हुए. पुलिस अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस अंतरराज्यीय समन्वय बैठक से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश पुलिस के बीच सहयोग और अधिक मजबूत होगा, जिससे सीमा क्षेत्रों में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.