राजकमल रेल्वे ब्रिज के पिल्लर गिराने का कार्य शुरु
जुलाई माह के अंत तक कार्य तोडने का कार्य पूर्ण होने की संभावना

अमरावती/दि.7 – राजकमल रेल्वे ब्रिज जर्जर हो जाने के बाद वाहनों को आवागमन का यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया. करीबन 8 माह बाद रेल्वे परिसर के उपरी हिस्से को तोडने की प्रक्रिया शुरु हुई. उपरी हिस्सा तोड देने के बाद अब पत्थरों के पिल्लर गिराने का काम शुरु किया गया है. यह कार्य जुलाई माह के अंत तक पूर्ण होने की संभावना जतायी जा रही है.
राजकमल रेल्वे ब्रिज जर्जर हो जाने के बाद उसे बंद कर दिया गया था. पश्चात निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर रेल्वे परिसर के उपरी हिस्से को तोडा गया. करीबन 8 माह बाद ब्रिज की उपरी हिस्से को तोडने का कार्य शुरु हुआ. मुंबई के मत्ते एसोसिएट्स नामक कंपनी को ब्रिज को जमींदोज करने का यह ठेका मिला. रेल यातायात बाधित न होने और सुरक्षित तरीके से इस ब्रिज को तोडने के लिए काफी सावधानी बरती गई. उपरी हिस्सा तोडने के बाद अब ब्रिज की सुरक्षा दीवार (पिल्लर) को तोडने का कार्य शुरु किया गया है. प्लेटफार्म नंबर-1 की तरफ से पत्थरों की चौडी इस सुरक्षा दीवार को जेसीबी पोकलैंड के माध्यम से तोडा जा रहा है. इस ब्रिज पर मुरुम की बजाय लाल मिट्टी और पत्थरों की भरती की गई है. यह ब्रिज वर्ष 1963 में निर्मित किया गया था. 63 वर्षों बाद इस रेल्वे ब्रिज को तोडा जा रहा है. लोकनिर्माण विभाग की तरफ से इसका पुननिर्माण किया जाएगा. विधायक सुलभा खोडके के प्रयासों से राजकमल के इस रेल्वे ब्रिज के पुननिर्माण के लिए 129 करोड रुपए मंजूर हुए है. इसकी अभी निविदा प्रक्रिया शुरु होना बाकी है. लेकिन जल्द ही यह प्रक्रिया पूर्ण होने की संभावना है. राजकमल के इस रेल्वे ब्रिज को तोडने का काम जुलाई माह के अंत तक होने की संभावना है.





