अमरावती जिले में जलजीवन मिशन के कामों को दी जाए गति
मंत्री गुलाबराव पाटिल ने जारी किए निर्देश, विधायक बच्चू कडू के प्रयास रहे सफल

* दुर्गम क्षेत्रों में जलापूर्ति को मिलेगी पहली प्राथमिकता
मुंबई /दि.7- अमरावती जिले के जल किल्लत ग्रस्त गावों को कायम तौर पर पानी से संबंधित राहत मिलने हेतु महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) तथा जलजीवन मिशन अंतर्गत शुरू रहनेवाले प्रलंबित कामों को तत्काल गति प्रदान की जाए, ऐसा निर्देश राज्य के जलापूर्ति व स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल द्बारा दिए गये. वे मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे. इस बैठक में शिंदे गुटवाली शिवसेना के विधान परिषद सदस्य बच्चू कडू भी उपस्थित थे. जिन्होंने अमरावती जिले में मजीप्रा व जलजीवन मिशन के कामों को गति मिलने हेतु महत प्रयास किए है और अब इस बैठक का आयोजन होने के साथ ही विधायक बच्चू कडू द्बारा किए गये प्रयास सफल साबित होते दिखाई दे रहे हैं.
इस बैठक में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के सदस्य सचिव अमगोथू रंगानायक, उपसचिव मंत्रामानकामे, मजीप्रा के अधीक्षक अभियंता अजय सिंह व संतोष गव्हाणकर, कार्यकारी अभियंता विवेक सोलंके, जिला परिषद के सीईओ सत्यम गांधी व कार्यकारी अभियंता स्नेहा धावडे ने ऑनलाईन हिस्सा लिया. बैठक के दौरान मंत्री गुलाबराव पाटिल ने बताया कि अमरावती जिले के कई गांवों को आज भी गर्मी के मौसम दौरान टैंकर के जरिए जलापूर्ति करनी पडती है. विशेष तौर पर अचलपुर व चांदुर बाजार तहसील के 23 गांवों में जल स्त्रोत आसपास उपलब्ध नहीं रहने के चलते करीब 15 किमी की दूरी से पानी लाना पडता है. इस परिस्थिति को बदलने हेतु जलजीवन मिशन तथा मजीप्रा के कामों में कोई भी विलंब नहीं होने देना चाहिए.
चिखलदरा तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में 36 गांवों को आज भी टैंकर के जरिए जलापूर्ति होने की बात का उल्लेख करते हुए मंत्री गुलाबराव पाटिल ने दुर्गम व आदिवासी क्षेत्र के गांवों की जलापूर्ति योजनाओं को सबसे अव्वल प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. साथ ही मेलघाट परिसर की भोेगोलिक व आदिवासी परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र के लिए अधिक से अधिक निधि हासिल करने का प्रयास करने का निर्देश भी उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दिया. जिसके अलावा चांदुर बाजार तहसील के कुछ गांव प्रादेशिक जलापूर्ति योजना से अलग किए जाने की बात ध्यान में आते ही मंत्री गुलाबराव पाटिल ने उन गांवों का नये सिरे से सर्वेक्षण कर अगले 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए कहा कि, रिपोर्ट मिलने के उपरांत पात्र गांवों को मजीप्रा की योजना में शामिल किया जायेगा.
समीक्षा बैठक में दी गई जानकारी के मुताबिक जलजीवन मिशन के काम अचलपुर तहसील के 24 गांवों में 80 फीसद व चांदुर बाजार तहसील में 98 फीसद पूर्ण हो चुके है. अब तक 83 गांवों में जलापूर्ति का काम शुरू हो चुका है. जबकि 8 से 10 गांवों में योजना के काम पूरे होने के बावजूद पानी के स्त्रोत उपलब्ध नहीं रहने के चलते टैंकर के जरिए जलापूर्ति की जा रही है. ऐसे गांवों की आवश्यकता के अनुसार दूर स्थित जल स्त्रोतों से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश मंत्री गुलाबराव पाटिल द्बारा दिए गये.
इस बैठक के दौरान विधायक बच्चू कडू ने मजीप्रा की प्रलंबित योजनाओं को तत्काल पूरा करते हुए जल किल्लत की वजह से होनेवाले गांवों के स्थानांतरण को रोकने की मांग की. साथ ही आदिवासी, दुर्गम एवं व्याघ्र प्रकल्प क्षेत्र की विशेष दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए केन्द्र से निधि मिलने की प्रतीक्षा करने की बजाय राज्य सरकार द्बारा आवश्यक उपाय किए जाने की मांग उठाई.





