वाराणसी से नागपुर लौट रही महिलाओं से ट्रेन में छेड़छाड़
शिकायत के बावजूद नहीं मिली मदद, पीड़ितों ने सुनाई आपबीती

नागपुर /दि.7– नागपुर की कुछ महिलाओं और उनके परिवारों के लिए रेल यात्रा जिंदगी का सबसे भयावह और कड़वा अनुभव साबित हुई. पीड़ितों का आरोप है कि वाराणसी से नागपुर लौटते समय आरक्षित कोच में भारी संख्या में अनधिकृत यात्रियों की भीड़ घुस गई, जिसके बीच महिलाओं के साथ छेड़छाड़, अश्लील हरकतें और अभद्र व्यवहार किया गया. कई बार शिकायत करने के बावजूद रेलवे और रेल पुलिस की ओर से समय पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई.
जानकारी के अनुसार, नागपुर के कुछ परिवार 27 जून को बिहार और उत्तर प्रदेश के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की यात्रा पर गए थे. 3 जुलाई की रात वाराणसी से दानापुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस में उनकी वापसी का आरक्षण था. पीड़ितों का आरोप है कि 72 सीटों वाले आरक्षित डिब्बे में करीब 400 से अधिक लोग जबरन घुस गए थे, जिससे डिब्बे में प्रवेश करना भी मुश्किल हो गया. महिलाओं का कहना है कि सीट तक पहुंचने के दौरान उनके साथ छेड़छाड़, अश्लील टिप्पणियां और अभद्र व्यवहार किया गया. उन्होंने तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139 और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई. रेलवे की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिला, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ.
पीड़ित परिवारों का आरोप है कि नैनी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान उन्होंने रेल पुलिस से मदद की गुहार लगाई और विरोध स्वरूप ट्रेन के आगे खड़े होकर कार्रवाई की मांग की. उनका कहना है कि रेल पुलिस ने भीड़ में मौजूद आरोपियों की पहचान स्वयं करने को कहा, जबकि टिकट परीक्षक भी संबंधित डिब्बे में नहीं पहुंचे. इसके बाद परिवारों को उसी डिब्बे में लगभग 20 घंटे तक नागपुर का सफर करना पड़ा. महिलाओं ने आरोप लगाया कि रात में डिब्बे की लाइट बंद होने के बाद कुछ लोगों ने उनके पास आकर सोने और शरीर को अनुचित तरीके से छूने जैसी शर्मनाक हरकतें कीं. नागपुर पहुंचने के बाद पीड़ितों ने लोहमार्ग पुलिस में लिखित शिकायत दी. उनका आरोप है कि उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि शिकायत उत्तर प्रदेश में दर्ज करानी होगी. अपनी आपबीती सुनाते समय पीड़ित महिलाएं भावुक हो गईं और उन्होंने रेलवे में महिला यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए. मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है.





