मराठी नहीं पढानेवाली शालाओं की मान्यता होगी रद्द
1 लाख रूपयों का दंड भी लगेगा, सभी शाला की होगी पडताल

अमरावती/दि.8– राज्य में सभी माध्यमवाली शालाओं में कक्षा 1ली से 10वीं तक मराठी भाषा पढाना और मराठी भाषा विषय की परीक्षा लेना अनिवार्य है. सभी शालाओं में इस नियम का पालन हो रहा है अथवा नहीं इसकी जांच पडताल करने हेतु पूरे राज्य में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा. जिसके तहत मराठी नहीं पढानेवाली शालाओं पर पहले 1 लाख रूपये का दंड लगाया जाएगा और इसके बावजूद मराठी नहीं पढाने पर संबंधित शाला की मान्यता को रद्द कर दिया जाएगा. विधान मंडल के जारी पावस सत्र दौरान पूछे गए सवाल के जवाब में राज्य के शालेय शिक्षा मंत्री दादा भुसे द्वारा उपरोक्त जानकारी दी गई.
* सभी माध्यमों की शालाओं पर नियम अनिवार्य
राज्य सरकार द्वारा लागू किए गए अधिनियम के अनुसार सभी माध्यमों व सभी व्यवस्थापनों की शालाओं के लिए मराठी विषय को पढाना एवं मराठी विषय की परिक्षा लेना अनिवार्य किया गया है.
* पहले लगेगा आर्थिक दंड
मराठी भाषा नहीं पढानेवाली शालाओं को पहले नोटीस दी जाएगी. जिस पर शाला की ओर से मिलनेवाला स्पष्टीकरण समाधानकारक नहीं रहने पर संबंधित शाला पर 1 लाख रूपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा.
* अन्यथा शाला की मान्यता की जाएगी खत्म
नियमों का उल्लंघन करनेवाली शालाओं को नोटीस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा जाएगा तथा 30 दिन के भीतर अपिल करने का अवसर दिया जाएगा. अपिल के बाद भी आदेश का पालन नहीं होने पर संबंधित शाला की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी. जिसके संदर्भ में शालेय शिक्षण आयुक्त द्वारा तीन माह में अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
* जिले की 800 निजी शालाओं में हजारों विद्यार्थी
अमरावती जिले में निजी बिना अनुदानित व स्वयं अर्थ सहायी शालाएं मिलाकर करीब 800 के आसपास निजी शालाएं है. जिसमें से लगभग सभी निजी शालाएं अंग्रेजी माध्यमवाली है.
* अर्हता पात्र शिक्षकों की नियुक्ती आवश्यक
सभी व्यवस्थापन व सभी माध्यम वाली शालाओं में मराठी विषय पढाने हेतु अर्हता पात्र शिक्षकों की नियुक्ती आवश्यक है.
* किन बातों की होगी पडताल
मराठी भाषा निती के अनुसार शालाओं में मराठी विषय पढाया जाता है अथवा नहीं और मराठी भाषा पढाने हेतु विषय विशेषज्ञ शिक्षक है अथवा नहीं इन बातों की प्रमुख तौर पर जांच पडताल की जाएगी.
* मराठी भाषा पूरी तरह से अनिवार्य
राज्य में मराठी भाषा के अध्यापन व अध्ययन को अनिवार्य करने हेतु सन 2020 में मराठी भाषा अधिनियम लागू किया गया.
* सूचना मिलते ही होगी कार्रवाई
सरकार की ओर से सूचना मिलते ही शालाओं में मराठी विषय पढाया जाता है अथवा नहीं इसकी पडताल करने हेतु पथक गठित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
* जांच हेतु अभियान
मराठी भाषा निती पर अंमल हेतु शिक्षा उपसंचालक, शिक्षाधिकारी व शाला निरीक्षक के पथक द्वारा जांच अभियान चलाया जाएगा.
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