विवाद के दौरान दोस्त की हत्या करने वाले मजदूर को आजीवन कारावास

वर्धा जिले की घटना, हाईकोर्ट का फैसला

नागपुर/दि.8– विवाद के दौरान दोस्त की हत्या करने वाले मजदूर की उम्रकैद और अन्य सजा मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने कायम रखी है. न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फालके व निवेदिता मेहता ने यह फैसला सुनाया है. यह घटना वर्धा जिले के पुलगांव शहर की है. आरोपी का नाम सागर शंकर कांबले (32) है. जबकि मृतक का नाम बाबू उर्फ राजेश गणेश गुप्ता था.
वर्धा सत्र न्यायालय ने 31 अगस्त 2024 को आरोपी सागर कांबले को हत्या के आरोप में दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी. जुर्माना न अदा करने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई. इस फैसले के विरोध में कांबले ने उच्च न्यायालय ने गुहार लगाई थी. हाईकोर्ट ने उसकी अपील खारिज कर दी. कांबले और गुप्ता दोनों सीमेंट की दुकान में काम करते थे और एक ही परिसर में रहते थे. 19 सितंबर 2020 को सुबह 10.30 बजे के दौरान उनमें विवाद हुआ. इस विवाद के चलते सागर ने बाबू गुप्ता पर आरोपी ने चाकू से सपासप वार किये थे. मृतक के शरीर पर अनेक जख्म हुए थे. इसमें से दो जख्म जानलेवा साबित हुए. आरोपी का मकसद यह परिस्थिति से स्पष्ट होता है कि, वह मृत व्यक्ति पर हमला करने की तैयारी में था और वह चाकू लेकर आया था. उसने मृतक बाबू उर्फ राजेश गुप्ता पर जोरदार वार किये थे. इस कारण सरकारी पक्ष ने यह सिद्ध किया कि, मृतक व्यक्ति को मौत के घाट उतारने के मकसद से ही आरोपी ने उस पर बार-बार वार किये थे. इस कारण इस प्रकरण में आरोपी को फायदा देने वाली कोई भी अपवादात्मक स्थिति नहीं है. ऐसा भी न्यायालय ने स्पष्ट किया.

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