अमरावती में आवारा कुत्तों का हमला, 10 वर्षीय बच्ची गंभीर घायल
नगरसेवकों ने मनपा से मांगा मुआवजा, शिक्षण सभापति प्रीती रेवणे आक्रामक

अमरावती/दि.16 – शहर के रुक्मिणी नगर क्षेत्र में एक आवारा कुत्ते के हमले में 10 वर्षीय सनीदी सचिन कावरे गंभीर रूप से घायल हो गई. बच्ची को तत्काल रेडियंट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसका उपचार आईसीयू में चल रहा है. बताया गया है कि इसी कुत्ते ने तीन अन्य लोगों पर भी हमला कर उन्हें घायल किया.
घटना साई हॉस्पिटल के पास हुई. सूचना मिलते ही नगरसेविका प्रीती रेवणे और नगरसेवक इस्माईल लालूवाले मौके पर पहुंचे तथा पीड़ित परिवार से मुलाकात की. प्रीती रेवणे ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी और मनपा के पशु चिकित्सा अधिकारी से इस संबंध में चर्चा की है. प्रीति रेवणे ने कहा कि आवारा कुत्तों का मुद्दा कई बार मनपा की आमसभा में उठाया गया, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बच्ची को कुछ हो जाता है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है. बच्ची के पिता कोणार्क कंपनी की कचरा गाड़ी के चालक हैं और परिवार की आजीविका सीमित है. ऐसे में इलाज का बढ़ता खर्च परिवार पर भारी पड़ रहा है.
नगरसेवक इस्माईल लालूवाले ने भी घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके प्रभाग की घटना है और आवारा कुत्तों की समस्या पर तत्काल ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है. नगरसेवकों ने मांग की है कि पीड़ित बच्ची के इलाज का पूरा खर्च मनपा वहन करे तथा परिवार को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा. इस बीच, मनपा की टीम ने हमलावर आवारा कुत्ते को पकड़ लिया है. घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थानीय नागरिकों ने आवारा कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है.
* घटना को लेकर आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग
रुक्मिणी नगर में आवारा कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय सनीदी सचिन कावरे के मामले को लेकर नगरसेविका प्रीती रेवणे ने मनपा आयुक्त को सूचित कर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. अपने पत्र में प्रीति रेवणे ने बताया कि घायल बच्ची एक सुरक्षा गार्ड की पुत्री है. उसके पिता कोणार्क कंपनी की कचरा संग्रहण गाड़ी पर चालक के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि यह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पहले ही अपनी बेटी पर हुए जानलेवा हमले से गहरे सदमे में है और अब महंगे इलाज का खर्च उठाना भी उनके लिए बेहद कठिन हो गया है. नगरसेविका ने आयुक्त से मांग की है कि बच्ची के उपचार के लिए हर संभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए. साथ ही परिवार को उचित आर्थिक सहायता, मुआवजा तथा इलाज के पूरे खर्च की प्रतिपूर्ति दी जाए. प्रीती रेवणे ने पत्र में यह भी कहा कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मनपा के पशु चिकित्सा विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए ठोस और त्वरित कार्रवाई की जाए. उन्होंने उम्मीद जताई कि मनपा प्रशासन पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करेगा और शहर में आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगा.





