अंगदान का निर्णय लेने वाले जांगड़ा परिवार का सम्मान
हरिना नेत्रदान समिति ने शाल, श्रीफल एवं सम्मानचिह्न देकर किया सत्कार

धामणगांव रेलवे/दि.24– मृत्यु के बाद भी अपने अंगों के माध्यम से किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का प्रेरणादायी निर्णय लेने वाले धामणगांव रेलवे के जांगड़ा परिवार का शुक्रवार को स्थानीय महावीर भवन में सम्मान किया गया. हरिना नेत्रदान समिति अमरावती एवं हरिना नेत्रदान समिति धामणगांव रेलवे शाखा की ओर से आयोजित इस सम्मान समारोह में जांगड़ा परिवार को सम्मानचिह्न, शाल एवं श्रीफल भेंट कर उनके सामाजिक एवं मानवतावादी कार्य की सराहना की गई.
समारोह नगराध्यक्ष डॉ. अर्चना अडसड़ की प्रमुख उपस्थिति में तथा ओसवाल ट्रस्ट (महावीर भवन) के अध्यक्ष प्रदीपकुमार लुनावत की अध्यक्षता में संपन्न हुआ. मंच पर हरिना नेत्रदान समिति अमरावती के मनोज राठी, रामप्रकाश गिल्डा, शरद कासट, कवरीलाल ओसवाल, नरेश सोनी, मनीष सावला, अतुल इंगले, हरिना नेत्रदान समिति धामणगांव रेलवे के अध्यक्ष अशोक मूंधड़ा तथा नगरसेवक डॉ. हेमकरण कांकरिया उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन चेतन कोठारी ने किया. गांधी चौक निवासी श्री पार्थ पद्मावती ज्वेलर्स के संचालक एवं पूर्व नगरसेवक संजय जांगड़ा के परिवार की वरिष्ठ सदस्य कमलाबाई नथमल जांगड़ा (70) ने करीब 35 वर्ष पूर्व अपने अंगदान की इच्छा व्यक्त की थी. 10 जुलाई को ब्रेन हैमरेज के कारण उपचार के दौरान चिकित्सकों द्वारा उन्हें ब्रेन स्टेम डेड घोषित किए जाने के बाद परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए अंगदान का निर्णय लिया.
जांगड़ा परिवार द्वारा किए गए इस अनुकरणीय कार्य के तहत कमलाबाई जांगड़ा का यकृत (लीवर) दान किया गया, जिससे एक जरूरतमंद मरीज को नया जीवन मिलने का अवसर प्राप्त हुआ. परिवार के इस निर्णय को मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए उपस्थित अतिथियों एवं समिति पदाधिकारियों ने इसकी सराहना की. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अंगदान केवल एक व्यक्ति को जीवन देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में मानवता और संवेदनशीलता की भावना को मजबूत करने वाला महान कार्य है. जांगड़ा परिवार ने अपने प्रियजन को खोने की पीड़ा के बीच भी उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए अंगदान का निर्णय लिया, जो निश्चित रूप से समाज के लिए प्रेरणादायी है.
समारोह में जांगड़ा परिवार के सदस्यों नथमल जांगड़ा, प्रवीण जांगड़ा, संजय जांगड़ा, पियूष जांगड़ा का सम्मान किया गया. उपस्थित नागरिकों ने जांगड़ा परिवार के इस मानवीय निर्णय की सराहना करते हुए कमलाबाई नथमल जांगड़ा को श्रद्धांजलि अर्पित की. हरिना नेत्रदान समिति के पदाधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि इस सम्मान और जांगड़ा परिवार के प्रेरणादायी कार्य से समाज में अंगदान एवं नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य के लिए आगे आएंगे.





