महावितरण के संचालक राजेंद्र पवार को राष्ट्रीय ‘एमिनेंट इंजीनियर’ पुरस्कार

राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के हाथों अमरावती में हुआ सम्मान

अमरावती/दि.24– विद्युत क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण) के संचालक (मानव संसाधन) राजेंद्र पवार को ‘द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया)’ की ओर से राष्ट्रीय ‘एमिनेंट इंजीनियर’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. अमरावती में शुक्रवार 21 अगस्त को आयोजित समारोह में राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया.
अमरावती में ‘द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया)’ के 41वें राष्ट्रीय विद्युत अभियंता अधिवेशन का उद्घाटन शुक्रवार को हुआ. अधिवेशन में ‘विकसित भारत का लक्ष्य : एआई और हरित तकनीक के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव’ विषय पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया. अधिवेशन के शाम के सत्र में राजेंद्र पवार को विद्युत क्षेत्र में उनके 37 वर्षों के उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘एमिनेंट इंजीनियर’ राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया. इस अवसर पर विधायक प्रवीण पोटे, विधायक प्रवीण तायडे, ‘द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया)’ के अध्यक्ष मनीष कोठारी, पदाधिकारी आनंद जवंजाल, राम विघे, आर.आर. तंवर, सुनील राठी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे.
* भारतीय इंजीनियरों ने दुनिया में बनाई अलग पहचान : बावनकुले
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि इंजीनियर देश के निर्माण के शिल्पकार और मानवीय प्रगति के अग्रदूत हैं. भारतीय इंजीनियरों ने अपनी उत्कृष्ट क्षमता के बल पर पूरी दुनिया में अलग पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि ऊर्जा मंत्री के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने विद्युत क्षेत्र के इंजीनियरों की कार्यक्षमता को करीब से देखा है. उन्होंने एलिफेंटा द्वीप जैसे दुर्गम क्षेत्र में समुद्र के भीतर भूमिगत केबल के माध्यम से बिजली पहुंचाने की चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि महावितरण और महापारेषण के इंजीनियरों ने इस कठिन कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया. उन्होंने इसे भारतीय इंजीनियरिंग कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण बताया.
* ‘विकसित भारत 2047’ पर पवार का प्रस्तुतीकरण
पुरस्कार समारोह से पहले राजेंद्र पवार ने ‘विकसित भारत 2047 का ऊर्जा लक्ष्य : आधुनिक ऊर्जा पहुंच का खाका और महाराष्ट्र की अग्रणी भूमिका’ विषय पर प्रस्तुतीकरण दिया. इसमें उन्होंने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों, आधुनिक ऊर्जा व्यवस्था तथा महाराष्ट्र की भूमिका पर जानकारी दी.
* 1920 में हुई थी इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स की स्थापना
देश की प्रमुख व्यावसायिक इंजीनियरिंग संस्थाओं में शामिल द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) की स्थापना वर्ष 1920 में हुई थी. कोलकाता स्थित मुख्यालय वाली इस संस्था के देशभर में 125 से अधिक स्थानीय केंद्र हैं. संस्था की ओर से विद्युत क्षेत्र में लंबे समय तक उल्लेखनीय योगदान देने वाले राजेंद्र पवार को राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

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