पुलिस छापे के बाद भागे युवक की कुएं में गिरने से मौत
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

* पुलिस को जानकारी होने के बावजूद युवक को नहीं बचाने का आरोप
* 10 लाख रुपये मुआवजे और दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग
अमरावती/दि.22 – जिले के मोर्शी तहसील में आने वाले डोंगर यावली शिवार में जुआ अड्डे पर पुलिस की कार्रवाई के बाद वहां से भाग रहे 19 वर्षीय युवक की कुएं में गिरने से मौत हो गई. मृतक का नाम डोंगर यावली निवासी सूरज अशोकराव तलोकार (19) है. मृतक के परिजनों और ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि पुलिसकर्मियों ने युवक को कुएं में गिरते हुए देखा था, इसके बावजूद उसे बचाने का प्रयास नहीं किया और घटना की जानकारी भी किसी को नहीं दी. घटना को लेकर आक्रोशित डोंगर यावली के ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने शनिवार को मोर्शी पुलिस थाने में धरना दिया. उन्होंने मृतक की वृद्ध मां को 10 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने तथा घटना के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की. मांगें पूरी होने तक शव कब्जे में लेने से भी परिजनों ने इंकार कर दिया.
जानकारी के मुताबिक मोर्शी पुलिस के दल ने शुक्रवार 21 अगस्त को डोंगर यावली शिवार में चल रहे जुआ अड्डे पर छापा मारा था. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 9 जुआरियों को हिरासत में लेकर नकदी, मोबाइल फोन और दोपहिया वाहनों सहित कुल 5 लाख 88 हजार 140 रुपये का माल जब्त किया. बताया जा रहा है कि पुलिस के पहुंचने के समय वहां कुछ और लोग भी मौजूद थे. पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए कई लोग अंधेरे में भागने लगे. पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया. आरोप है कि भागने वालों में सूरज तलोकार भी शामिल था.
* कुएं में गिरा सूरज
ग्रामीणों के मुताबिक, रात के अंधेरे में पुलिस से बचकर भागते समय सूरज एक कुएं में गिर गया. परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि पीछे दौड़ रहे पुलिस जवानों ने सूरज को कुएं में गिरते हुए देखा था. इसके बावजूद न तो उसे बाहर निकालने का प्रयास किया गया और न ही घटना की जानकारी उसके परिवार अथवा ग्रामीणों को दी गई. सूरज रात में घर नहीं पहुंचा. अगले दिन कुएं से उसका शव बरामद होने के बाद पूरे मामले की जानकारी सामने आई. घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और मृतक के रिश्तेदार घटनास्थल पर पहुंच गए.
* पुलिस थाने में ग्रामीणों का धरना
मृतक की मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए ग्रामीण बड़ी संख्या में मोर्शी पुलिस थाने पहुंचे. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते पुलिस ने सूरज को बचाने का प्रयास किया होता और घटना की जानकारी दी होती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी. ग्रामीणों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाए तथा सूरज की वृद्ध मां को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए. मामले में बढ़ते तनाव को देखते हुए उपविभागीय पुलिस अधिकारी भी मोर्शी पुलिस थाने पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की. हालांकि, समाचार लिखे जाने तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका था. ग्रामीणों और मृतक के रिश्तेदारों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें मंजूर नहीं होतीं और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे शव अपने कब्जे में नहीं लेंगे.
* तीन महीने पहले ही पिता की हुई थी मौत
बताया जाता है कि सूरज के पिता का करीब तीन महीने पहले निधन हुआ था. सूरज अपनी वृद्ध मां के साथ रहता था और वह उनका इकलौता बेटा था. बेटे की मौत के बाद वृद्ध मां के सामने अब जीवन-यापन और भविष्य की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है. इसी वजह से ग्रामीणों ने प्रशासन से उन्हें 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है. इस संबंध में मोर्शी थानेदार राहुल आठवले से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका. इसलिए उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया.