स्पीकर नार्वेकर ने अपने निर्णय को बताया सही

शिवसेना पार्टी का सिंबल और नाम किसका है?

मुंबई/दि.22- शिवसेना पार्टी का नाम और सिंबल किसका है? इस पर अभी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. इसी बैकग्राउंड में अब विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर का रिएक्शन सामने आया है.शिवसेना पार्टी का सिंबल और नाम किसका है? असली पार्टी किसकी है और पार्टी का सिंबल और नाम किसे दिया जाए? यह सवाल इलेक्शन कमीशन के सामने था. आखिर में, इलेक्शन कमीशन ने अपने सपोर्ट करने वाले की संख्या देखकर शिवसेना पार्टी का नाम और सिंबल शिवसेना शिंदे ग्रुप को देने का फैसला किया. बाद में, असेंबली स्पीकर ने भी इस फैसले को सही ठहराया.
शिवसेना ठाकरे ग्रुप इस फैसले के खिलाफ कोर्ट चला गया था, और अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. शिवसेना ठाकरे ग्रुप की तरफ से कपिल सिब्बल ने जोरदार दलीलें दी हैं. अब, इन सब बातों के बीच, असेंबली स्पीकर राहुल नार्वेकर का पहला रिएक्शन सामने आया है.नारवेकर ने कहा कि, जो लोग मेरे ़फैसले से सहमत नहीं थे, अगर उन्होंने पिटीशन फ़ाइल की है, या जो लोग इलेक्शन कमीशन के दिए गए ़फैसले से सहमत नहीं हैं और इस ़फैसले के ख़िलाफ़ पिटीशन फ़ाइल की है, तो उन्हें उस बारे में बहस करने का हक़ है. इसलिए, बहस का मतलब यह नहीं है कि कोर्ट का ़फैसला हो गया है. उन्होंने अपनी दलील दे दी है, अब दूसरा पक्ष अपनी दलील देगा. उसके बाद सुप्रीम कोर्ट सभी हालात और ़फैक्ट्स को ध्यान में रखकर इस पर ़फैसला देगा.मैंने जो ़फैसला दिया है वह बहुत टिकाऊ है और क़ानून के दायरे में दिया गया है.
नार्वेकर ने दावा किया कि, उन्होंने यह ़फैसला सुप्रीम कोर्ट के सभी मापदंड को ध्यान में रखकर दिया है. इसलिए, जब तक सुप्रीम कोर्ट इस पर कोई आखिरी फैसला नहीं सुना देता, हमें ऐसे न्यायिक मामले पर बात नहीं करनी चाहिए. इसलिए, मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट के पास लेजिस्लेटिव सेक्रेटेरिएट ने दोनों पक्षों के सुप्रीम कोर्ट में अपनी दलीलें पेश करने के बाद जो भी काम किया है, उसकी सारी जानकारी है, इसलिए मुझे पूरा यकीन है कि आने वाले समय में इस पर सही फैसला लिया जाएगा, ऐसा नार्वेकर ने कहा.

Back to top button