खुले खाद्य तेल की विक्री को लेकर जल्द बनेगी एसओपी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा

मुंबई /दि.25- खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा खुले खाद्य तेल की विक्री पर रोक लगाने पर विवाद बढता जा रहा है. एफडीए के इस फैसले को लेकर सोमवार को हुई राज्य मंत्री मंडल की बैठक में कई मंत्रियों ने नाराजगी जताई. मंत्रियों ने खुले खाद्य तेल विक्री करने वाले छोटे व्यापारी और ग्राहकों को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया. इसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि, एफडीए को खुले खाद्य तेल विक्री को लेकर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे.
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि, मंत्रियों का कहना है कि, खुले खाद्य तेल बेचनेवाले पारंपरिक व्यापारियों पर अन्याय नहीं होना चाहिए. वहीं, गरीब परिवार के व्यक्ति एक साथ आधा लीटर अथवा एक लीटर तेल लेने के बजाए थोडा खुला खाद्य तेल खरीदते है. मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि, एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे को एसओपी बनाने के निर्देश दिए जाएंगे. इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि, खुले खाद्य तेल में किसी प्रकार की मिलावट न हो.
* व्यापारियों ने सरकार को दी 15 दिन की मोहलत
इस बीच राज्य के कई जिलो में खुला खाद्य तेल बेचने वाले व्यापारी एफडीए के खिलाफ सडक पर उतरे. व्यापारियों ने कहा कि, यदि 15 दिन के भीतर सरकार ने आदेश वापस नहीं लिया, तो व्यापारी न्यायालय जाने के साथ राज्यव्यापी आंदोलन करेगी. खुले खाद्य तेल की विक्री और टीन के पुन: उपयोग पर लगाया गया प्रतिबंध अन्यायपूर्ण और भेदभावपूर्ण है. देश के अन्य राज्यों में इस तरह से सख्त आदेश लागू नहीं है, फिर महाराष्ट्र में अलग मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है? इससे हजारों छोटे व्यापारियों, खासकर लकडी घाणी से तेल निकालने वाले व्यवसायियों का रोजगार संकट में पड सकता है.
– शंकर ठक्कर,
राष्ट्रीय अध्यक्ष, अ.भा. खाद्य तेल व्यापारी महासंघ.





