खुशहाली का सफर बन रहा मौत का रास्ता!

9 महीनों में 24 लोगों की दर्दनाक मौतें

 समृद्धि हाईवे पर हादसों का सिलसिला जारी
अमरावती /दि.6– समृद्धि महामार्ग पर सफर को सुरक्षित और तेज बनाने का सपना अब हादसों के कारण सवालों के घेरे में है. अमरावती जिले से गुजरने वाले समृद्धि महामार्ग पर लगातार हो रहे जानलेवा हादसों ने इस मार्ग को लेकर चिंता बढ़ा दी है. जनवरी से सितंबर 2026 तक हुए हादसों और 1 अक्टूबर को सामने आए दो घातक हादसों के बाद जिले में इस मार्ग पर दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या 24 तक पहुंच गई है.
हाल ही में धामनगांव रेलवे तालुका के तलनी गांव के पास समृद्धि महामार्ग पर नवदुर्गा की मूर्ति लेकर जा रही ट्रॉली को पीछे से आ रहे ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी. इस भीषण हादसे में वर्धा जिले के सिंदी मेघे के सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई. इस घटना ने एक बार फिर समृद्धि महामार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

* जनवरी से अगस्त तक 12 हादसे, 16 की मौत
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अगस्त 2026 तक अमरावती जिले से गुजरने वाले समृद्धि महामार्ग पर 12 दुर्घटनाएं हुईं. इनमें 11 हादसे घातक रहे और कुल 16 लोगों की मौत हुई. सितंबर महीने में हुई दुर्घटनाओं और 1 अक्टूबर को सामने आए दो जानलेवा हादसों के बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 24 हो गया है. समृद्धि महामार्ग अमरावती जिले के धामनगांव रेलवे, चांदूर रेलवे और नांदगांव खंडेश्वर तहसील से होकर गुजरता है. जिले में इस महामार्ग की लंबाई करीब 73 से 74 किलोमीटर बताई गई है.

* तीन तहसीलों से गुजरता है समृद्धि महामार्ग
हिंदू हृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग अमरावती जिले में धामनगांव रेलवे, चांदूर रेलवे और नांदगांव खंडेश्वर तहसील की सीमा से होकर गुजरता है. नांदगांव खंडेश्वर तहसील में शिवनी के पास से यह मार्ग जिले की सीमा में प्रवेश करता है, जबकि आगे यह अन्य तहसीलों से होकर गुजरता है. समृद्धि महामार्ग अमरावती शहर से आने-जाने वाले वाहनों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है. वाशिम जिले के करंजा लाड और अमरावती जिले के बीच भी यह मार्ग यातायात का प्रमुख माध्यम बन चुका है.

* अन्य मार्गों की तुलना में भी हादसे चिंता बढ़ाने वाले
जिले में जनवरी से अगस्त तक विभिन्न प्रकार के मार्गों पर हुए सड़क हादसों के आंकड़े भी दुर्घटनाओं की गंभीर स्थिति को सामने रखते हैं. राष्ट्रीय महामार्ग, राज्य महामार्ग, ग्रामीण सड़क और शहरी मार्गों पर भी हादसे हुए हैं. हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों में समृद्धि महामार्ग पर होने वाले हादसों में मृतकों की संख्या विशेष चिंता का विषय बनी हुई है. 2025 में पूरे समृद्धि महामार्ग पर 185 दुर्घटनाओं में 152 लोगों की मौत हुई थी. वहीं 2024 में 137 दुर्घटनाओं में 126 लोगों की जान गई. जनवरी से अगस्त 2026 के केवल आठ महीनों में ही पूरे समृद्धि महामार्ग पर 142 दुर्घटनाएं हुईं और 128 लोगों की मौत दर्ज की गई.

* पुलिस ने बढ़ाई गश्त
लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने समृद्धि महामार्ग पर गश्त बढ़ा दी है. पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम के निर्देश पर महामार्ग पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है. तेज रफ्तार वाहनों, नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. हालांकि, लगातार हो रहे हादसों के बीच केवल पुलिस गश्त बढ़ाना ही पर्याप्त होगा या नहीं, यह भी चर्चा का विषय है. वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता, रात के समय सुरक्षा, भारी वाहनों की निगरानी और संवेदनशील स्थानों पर प्रभावी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता भी सामने आ रही है.

* हादसों ने फिर उठाया सुरक्षा का सवाल
समृद्धि महामार्ग को आधुनिक और तेज यातायात के लिए बनाया गया है, लेकिन लगातार हो रहे गंभीर हादसों ने इस मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. एक के बाद एक हादसों में परिवारों के सदस्य अपनी जान गंवा रहे हैं. ऐसे में हादसों के कारणों का विश्लेषण कर संवेदनशील स्थानों पर ठोस सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है. आंकड़े बताते हैं कि समृद्धि महामार्ग पर सफर की रफ्तार बढ़ी है, लेकिन हादसों में जान गंवाने वालों का आंकड़ा भी चिंता बढ़ा रहा है.

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