अंबादेवी व एकवीरा देवी संस्थान में श्रद्धा व उमंग से घटस्थापना

अंबादेवी में कुर्वे दंपति, एकवीरा में कुलकर्णी बने यजमान

* सजा मेला, श्रद्धालुओं का भी उमडा रेला
* सुरक्षा प्रबंध चाक-चौबंद, भक्तों ने शुरु किए व्रत-उपवास, कई नहीं पहनते चप्पलें भी
अमरावती/दि.12- शारदायी नवरात्रौत्सव का रविवार 11 अक्तूंबर को ब्रह्म मुहूर्त में उल्लास व उमंग से एवं उतनी ही श्रद्धापूर्वक घटस्थापना कर देवी आराधना का मंगलमय प्रारंभ हुआ. अंबादेवी और एकवीरा देवी मंदिरों में पुरोहितों के मंत्रोच्चार के साथ घटस्थापना की गई. ध्वजारोहण किया गया. अंबादेवी में सचिव रवींद्र कर्वे दंपति के यजमानत्व में पूजन हुआ. एकवीरा संस्थान में कोषाध्यक्ष चंद्रशेखर कुलकर्णी और स्वाती कुलकर्णी पूजा में बैठे थे. उन्होंने समस्त अमरावती की सुख-समृद्धि की कामना की.
नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है. हिंदू धर्म में यह बडा पर्व होने के कारण इस दौरान देवी की विधिवत पूजा की जाती है.नवरात्र उत्सव महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और विशेष होता है. क्योंकि इस उत्सव में देवी स्वरूप स्त्री शक्ति का पूजन और स्तुति की जाती है. नौ दिन का नवरात्र व्रत कई लोग करते है. घटस्थापना के इस उत्सव की शुरूआत रविवार से हो चुकी है. रविवार से आरंभ नवरात्री उत्सव के तहत घर-घर में मां के स्वरूप घट की स्थापना की गई.सार्वजनिक पंडालों में मां की प्रतिमा की स्थापना कर उनका पूजन किया गया. इस साल नवरात्र में अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष योग बन रहा है.
19 अक्तूूबर को दुर्गा अष्टमी और महानवमी की पूजा की जाएगी. कई घरों में अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन, होम-हवन और विशेष पूजा आयोजित की जाती है. नवरात्रि की शुरूआत मानी जाती है. इसी कडी में अंबादेवी संस्थान और एकवीरा देवी संस्थान में रविवार 11 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र महोत्सव की शुरूआत हुई. सुबह से ही दोनों मंदिरों में आदिशक्ति के दर्शन और कृपा- आशीर्वाद लेने के लिए भक्तों की भारी भीड देखी गई.अंबादेवी संस्थान और एकवीरा देवी संस्थान ओर से महिला और पुरूष भक्तों के लिए जगदंबा माता के दर्शन के लिए अनुशासित नियोजन किया गया था. इन 9 दिनों में अभिषेक, षोडशोपचार पूजा, श्रृंगार, आरती, प्रवचन व कीर्तन ,नैवेद्य, विष्णुसहस्त्रनाम, तथा मंत्र जागर, महाआरती व प्रसाद, पालकी यात्रा, वारकरी कीर्तन, भजन संध्या आदि सहित विभिन्न कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया है.
* तडके 4.30 बजे हुई मंदिर में घटस्थापना
– इस अवसर पर अंबादेवी संस्थान के विश्वस्त मंडल सचिव डॉ. जयंत पांढरीकर ने कहा कि सुबह के समय शुभ ब्रम्ह मुहुर्त पर तडके 4.30 बजे मंदिर में घट स्थापना की गई.
– सुबह 9 से 11 बजे तक संत अच्युत महाराज के परम शिष्य सचिन देव महाराज के प्रवचनों का भक्तों ने लाभ लिया. सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक भजनी मंडलों द्बारा भजन प्रस्तुत किया गया.
– हर दिन दोपहर 2 बजे शाम 6 बजे तक विविध भजनी मंडल द्बारा भजन प्रस्तुत किए जायेंगे. दोपहर 12 बजे महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा.
– रात 10 बजे दिन की अंतिम महाआरती की गई. जो नियमित रूप से आगामी 9 दिनों तक नित्य क्रम अनुसार की जाएगी.
* नवमी के दिन शतचंडी यज्ञ
– एकवीरा देवी संस्थान, एकवीरा देवी अन्नक्षेत्र व जनकल्याण संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र टेंबे ने बताया कि शारदीय नवरात्र महोत्सव की शुरूआत की गई है.
– हर दिन पूजा अर्चना हर दिन विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ किया जायेगा. दोपहर 2 बजे तक भोजन की व्यवस्था रहेंगी.
हर दिन रात 8 से 10 बजे तक शारदीय कीर्तन नागपुर के राहुल गणोरकर द्बारा किया जाएगा. 19 को वारकरी कीर्तन होगा. दशहरा के दिन पालकी निकाली जायेगी. सीमोल्लंघन होगा. इस मार्ग को पालखी मार्ग कहा जाता है. वहां डेकोरेटर रमेश कोठाले ने अद्भूत स्वागत गेट और साज-सज्जा की है. मार्ग के दोनों ओर देवी-देवताओं, गजानन महाराज की प्रतिमाएं विराजमान की गई है. श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है.
– नवमी को शतचंडी यज्ञ का आयोजन होगा. जिसमें शाम 6 बजे पूर्णाहूति अर्पित की जायेगी. इन सभी कार्यक्रमों में सहभागी होने का आवाहन उन्होंने किया.

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