अधिग्रहण से पहले जमीन का बाजार मूल्य अपडेट करने की मांग

नलगंगा-वैनगंगा परियोजना

* मांजरखेड़ कस्बा के किसानों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
* रेडी रेकनर दरों में संशोधन की मांग
अमरावती/दि.13 – चांदूर रेलवे तहसील के मौजा मांजरखेड़ कस्बा में नलगंगा और वैनगंगा परियोजनाओं के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण से पहले किसानों ने जमीन का बाजार मूल्य वर्तमान दरों के अनुसार संशोधित करने की मांग की है. इस संबंध में प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों ने जिलाधिकारी एवं भूमि अधिग्रहण प्राधिकरण को ज्ञापन सौंपकर उचित मुआवजा सुनिश्चित करने की अपील की है.
किसानों ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 26 का हवाला देते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण से पहले वास्तविक बाजार मूल्य का आकलन कर रेडी रेकनर दरों को अपडेट किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में कृषि भूमि की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है. ऐसे में पुरानी दरों के आधार पर मुआवजा मिलने से किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है. ज्ञापन में किसानों ने दावा किया कि मांजरखेड़ कस्बा में मुख्य सड़क से सटी जमीन की कीमत 40 से 49 लाख रुपये प्रति एकड़ तक है, जबकि सड़क से दूर स्थित जमीन की कीमत इससे 5 से 10 लाख रुपये कम हो सकती है. उन्होंने प्रशासन से वास्तविक खरीद-बिक्री दरों, जमीन की स्थिति, सिंचाई सुविधा और अन्य स्थानीय परिस्थितियों का प्रत्यक्ष सर्वेक्षण कर बाजार मूल्य निर्धारित करने की मांग की है.
किसानों ने यह भी कहा कि कई जमीन सौदों में स्टाम्प शुल्क बचाने के लिए दस्तावेजों में रेडी रेकनर दरों के अनुसार कीमत दर्ज की जाती है, जबकि वास्तविक लेन-देन अधिक कीमत पर होता है. इसलिए केवल पंजीकृत दस्तावेजों के आधार पर मूल्यांकन करने के बजाय किसानों से सीधे चर्चा कर वास्तविक बाजार दरों का पता लगाया जाना चाहिए. किसानों ने मांग की है कि भूमि अधिग्रहण की आगे की प्रक्रिया से पहले संबंधित गांवों के जमीन मालिकों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए. साथ ही, बाजार मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी रखते हुए संशोधित दरों और प्रशासनिक निर्णयों की जानकारी लिखित रूप में दी जाए.
किसानों ने स्पष्ट किया कि वे परियोजना के विरोध में नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि भूमि अधिग्रहण में प्रभावित किसानों को वर्तमान बाजार मूल्य के अनुसार उचित और न्यायसंगत मुआवजा मिले. उन्होंने जिलाधिकारी से मामले में तत्काल कार्रवाई कर रेडी रेकनर दरों में आवश्यक संशोधन करने की मांग की है. ज्ञापन सौंपने वालों में अंकुश शिंदे, शरद खोडे, आशा खोडे, राजेंद्र राउत, रामदास गडपायले, ललीता बनसोड, अनुराग मार्कंड, विमल मार्कंड, अरुण वासनिक, दीपिका पांडे, अनिल दांडेकर, शिशुपाल दांडेकर, रमेश दांडेकर, करण वासनिक, सोहम बाहेकर, वैभव ढगे, सौरभ गडपायले, शुभांगी झाडे, उत्तमराव गवई, दिगांबर थोटे, गजानन वेखंडे, प्रदीप गवई, विजया भगत, देवानंद गवई, तुलसीराम शिंदे, सुखदेव मेश्राम, गजानन तायवाडे, युवराज खेरडे, नंदकिशोर आखरे, अवधुत आखरे, भारत आखरे, पुंडलिक पचगाडे, पंकज होले, सागर तायवाडे, श्रीमंत मुले, श्याम जोशी समेत अन्यों का समावेश था.

Back to top button