अमरावती विद्यापीठ के कॉन्फिडेंशियल विभाग में आग
तीन बाइक जलकर खाक, वाहन हटाते समय सुरक्षा गार्ड घायल

* बेसमेंट में खड़ी एक बाइक की बैटरी फटने से लगी आग
* फायर ब्रिगेड की तत्परता से टला बड़ा हादसा
अमरावती/दि.16 – संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ के अति संवेदनशील माने जाने वाले कॉन्फिडेंशियल विभाग के बेसमेंट में गुरुवार शाम करीब 4 बजे अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया. बेसमेंट में खड़ी एक मोटरसाइकिल की बैटरी में विस्फोट होने के बाद आग ने आसपास खड़ी दो अन्य मोटरसाइकिलों को भी अपनी चपेट में ले लिया. इस घटना में दो बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जबकि तीसरी बाइक को भी काफी नुकसान पहुंचा. आग बुझाने और वाहनों को हटाने के दौरान विद्यापीठ के कुछ सुरक्षा गार्डों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है.
जानकारी के मुताबिक विद्यापीठ के कॉन्फिडेंशियल विभाग में कार्यरत कर्मचारियों ने हमेशा की तरह अपनी मोटरसाइकिलें इमारत के बेसमेंट में खड़ी की थीं. गुरुवार दोपहर बाद अचानक एक मोटरसाइकिल की बैटरी में विस्फोट हुआ और वाहन में आग लग गई. धमाके की तेज आवाज से परिसर में अफरा-तफरी मच गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग कुछ ही समय में आसपास खड़ी अन्य मोटरसाइकिलों तक फैल गई. बेसमेंट में धुआं भरने से वहां मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई. आग की तीव्रता के कारण कर्मचारियों को अपने वाहन सुरक्षित बाहर निकालने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग की चपेट में आई तीनों मोटरसाइकिलें विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की थीं.
* अग्निशामक यंत्र से भी नहीं बुझी आग
घटना के बाद विद्यापीठ के कर्मचारी पंकज ठाकुर ने परिसर में उपलब्ध अग्निशामक यंत्र की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया. हालांकि, आग तेजी से फैलने के कारण उनका प्रयास सफल नहीं हो सका. इसके बाद तत्काल नगर निगम के अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम अग्निशमन वाहन के साथ कुछ ही मिनटों में घटनास्थल पर पहुंच गई. अग्निशमन कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पानी की मदद से आग पर काबू पाया. समय रहते आग बुझा दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया और आग को अन्य हिस्सों में फैलने से रोक लिया गया. इस कार्रवाई में अग्निशमन वाहन चालक शेखर कोल्हे तथा फायरमैन ज्ञानेश्वर चव्हाण, सचिन पावड़े और विक्की हिवराले ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
* वाहन हटाते समय सुरक्षा गार्ड घायल
आग लगने के बाद बेसमेंट में खड़े वाहनों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास भी किए गए. इस दौरान विद्यापीठ के कुछ सुरक्षा गार्डों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, घायलों की संख्या और उनकी स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है.
* संवेदनशील विभाग में आग लगने से उठे सवाल
विद्यापीठ का कॉन्फिडेंशियल विभाग महत्वपूर्ण एवं गोपनीय कामकाज के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है. ऐसे विभाग की इमारत के बेसमेंट में आग लगने की घटना से परिसर में कई सवाल उठने लगे हैं. आग लगने का प्रारंभिक कारण मोटरसाइकिल की बैटरी में विस्फोट बताया जा रहा है. हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है. घटना के बाद परिसर में इस बात को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई कि क्या आग केवल तकनीकी खराबी के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी. फिलहाल, ऐसी किसी आशंका की पुष्टि करने वाले ठोस तथ्य सामने नहीं आए हैं. आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा.





