बायपास सर्जरी के लिए 6 लाख का पैकेज , मिल रहे सिर्फ 1 लाख

कैशलेस योजना

* पैसे मांगने वाले अस्पतालों पर होगी सख्त कारवाई
मुंबई/दि.18 -राज्य में चल रहे विधानमंडल के बजट सत्र में सोमवार को सरकारी स्वास्थ योजनाओं के लाभ का मुद्दा गूंजा. भाजपा विधायक बबनराव लोणीकर ने आरोप लगाया कि राज्य के कई अस्पतालों में मरीजों को महात्मा फुले आरोग्य योजना आयुष्यमान भारत योजना का पूरा लाभ नही मिल रहा है. लोणीकर ने सदन में कहा कि उनके क्षेत्र के किसान विठ्ठल कदम की बायपास सर्जरी करवानी है.इस ऑपरेशन का खर्च करीब लाख रूपए आता है. सरकार की योजनाओं के तहत करीब 6 लाख रूपए तक की सहायता मिलनी चाहिए. पर अस्पताल की और से उन्हें केवल 1 लाख रूपए का लाभ मिलने की बात कही जा रही है. इस पर स्वास्थ मंत्री ्रप्रकाश आबिटकर ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं में बायपास समेत कई सर्जरी के तय पैकेज है.मरीज की एक भी रूपया देने की जरूरत नही होती. आंबिटकर ने कहा कि जब आयुष्यमान भारत योजना के राज्य की महात्मा फुले आरोग्य योजना से जोडा गया.तब उपचार के पैकेज भी बढाए गए. अगर कोई अस्पताल नियमों का पालन नहीं कर रहा है या मरीजों से पैसे मांग रहा है तो उसका नाम बताया जाए. सरकार तुरंत जांच कर कारवाई करेंगी. स्वास्थ मंत्री ने सभी कारवाई करेंगी. स्वास्थ मंत्री ने सभी विधायकाेंं से अपील की कि वे अपने -अपने क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ केंद्र ,ग्रामीण अस्पताल और जिला अस्पतालों के माध्यम से इन योजनओं को प्रभावी ढंग से लागू करवाने में सहयोग करें.ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर इलाज मिल सके.
राज्य में जल जीवन मिशन की रफ्तार धीमी, 25 हजार से ज्यादा योजनाएं अधूरी
राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से शुध्द पानी पहुंचाने के उद्देश से शुरू की गई जल जीवन मिशन योजना की रफ्तार धीमी पड गई है. विधानसभा में सरकार ने स्वीकार किया कि राज्य में हजारों जलपूर्ति योजनाओं का काम अपेक्षित गति से पूरा नहीं हो सकता है. जलपूर्ति व स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटील ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में जल जीवन मिशन के तहत कुल 51 हजार 560 जलपूर्ति योजनाएं स्वीकृत है. इनमें से 26 हजार 499 योजनाएं पूरी हो चूकी है, जबकि 25 हजार 61 योजनाएं अभी विभिन्न चरणों में चल रही है.
केंद्र से फंड नहीं, काम की गति हुई धीमी
पाटील ने बताया कि सितंबर 2024 से केंद्र सरकार की ओर से फंड प्राप्त नही हुआ है. निधि की कमी के कारण कई जगह काम की रफ्तार धीमी हो गई है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने स्तर पर पैसे जारी किए है.
मिशन की समयसीमा बढाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि दिसंबर 2028 तक बढाने का प्रस्ताव दिया है. केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने इस संबंध में राज्यों को पत्र भेजा है. हालाकि निधि की कमी और धीमी प्रगति को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में यह चिंता भी जताई जा रही है कि क्या बढी हुई समयसीमा के भीतर सभी परियोजनाएं पूरी हो पाएंगी.

Back to top button