वरिष्ठों का दबाव और काम का तनाव हुआ असह्य
बुलढाणा में डॉक्टर ने झेंडावंदन के तुरंत बाद दी जान

* खेत में जाकर लगा ली फांसी
बुलढाणा/दि.18 – जिले से देरी से प्राप्त खबर के अनुसार वरिष्ठों का दबाव और काम का तनाव असह्य होने से मेडिकल ऑफीसर ने अपने खेत में जाकर फांसी लगा ली. यह घटना उजागर होने से यहां डॉक्टर संगठन में खलबली मची है और उन्होंने वरिष्ठों पर आरोप किए हैं. आत्महत्या करनेवाले डॉक्टर का नाम संदीप प्रकाशराव हाडे है. वह वाशीम जिले के रिसोड तहसील अंतर्गत अपने पैतृक गांव गोहगांव हाडे पहुंचे और वहां उन्होंने आत्मघाती कदम उठाया. वे मेहकर तहसील के देऊलगांव साखरशा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अंतर्गत मांडवा फॉरेस्ट में कार्यरत थे.
बताया जाता है कि, सुविधा और स्थिति का निरीक्षण करने शीघ्र ही नेशनल गुणवत्ता स्टैंडर्ड की समिति कुछ ही दिनों में मूल्यांकन के लिए पहुंचने वाली है. ऐसे में उपकेंद्रों पर मापदंडों के अनुसार मूलभूत सुविधाएं न रहने पर भी मूल्यांकन की तैयारी करने वरिष्ठ लगातार दबाव डालने की चर्चा यहां सुनने मिली. मेडिकल अधिकारी संगठन ने आरोप लगाया कि, मानव संसाधन न रहने से काम का तनाव बढ गया था. इसी से संदीप हाडे द्वारा आत्महत्या किए जाने का आरोप संगठन ने किया है.
उधर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रणजीत मंडले ने इस संबंध में जांच समिति गठित की है. समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे कदम उठाए जाने की बात उन्होंने कही. मेडिकल अधिकारी संगठन के विभाग अध्यक्ष डॉ. विशाल बाजड ने भी उपरोक्त बात कही.





