अनुदानित स्कूलों को फीस कम करनी होगी
शिक्षा निदेशालय के सख्त निर्देश

अमरावती/दि.6 – राज्य के अनुदानित और आंशिक अनुदानित माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों को विद्यार्थियों से वसूली जाने वाली फीस में कमी करने के निर्देश जारी किए गए हैं. माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के वेतन के लिए सरकारी अनुदान मिलने के बाद भी यदि स्कूल विद्यार्थियों से पहले की तरह पूरी फीस वसूल रहे हैं, तो यह उचित नहीं है. शिक्षा विभाग को अभिभावकों और विद्यार्थियों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई स्कूलों को वेतन अनुदान मिलने के बावजूद फीस में कोई कमी नहीं की जा रही है. इसी के मद्देनजर निदेशालय ने यह निर्णय लिया है.
सरकारी नीति के अनुसार कई पूर्व अनुदानविहीन विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से 20, 40, 60, 80 और 100 प्रतिशत तक वेतन अनुदान प्रदान किया जाता है. विभाग का मानना है कि इस अनुदान का लाभ विद्यार्थियों और अभिभावकों को फीस में राहत के रूप में मिलना चाहिए. निदेशालय ने सभी संबंधित स्कूलों को निर्देश दिया है कि उन्हें प्राप्त वेतन अनुदान के अनुपात में फीस संरचना की समीक्षा कर संशोधित शुल्क निर्धारित करना होगा. साथ ही विद्यार्थियों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे. शिक्षा अधिकारियों को भी इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. निर्देशों के अनुसार सभी पात्र विद्यालयों को संशोधित फीस संरचना तत्काल लागू करनी होगी.
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल अनुदानित और आंशिक अनुदानित माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों पर लागू होगा. पूर्णतः गैर-अनुदानित विद्यालय इस आदेश के दायरे में नहीं आते. अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी विद्यालय द्वारा अनुदान प्राप्त करने के बावजूद विद्यार्थियों से अनुचित शुल्क वसूला जाता है, तो संबंधित शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.





