बच्चू के बढते कद से सेना पदाधिकारी चिंता में
‘बाहरी’ व्यक्ति को पार्टी की कमान सौंपे जाने की भावना

* अंदर ही अंदर पनप रहा बच्चू को लेकर असंतोष
अमरावती /दि.29- प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रहनेवाले पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए शिंदे गुट वाली शिवसेना में प्रवेश करने के साथ ही प्रहार पार्टी को ही शिंदे सेना में विलीन कर दिया. इसके बदले में बच्चू कडू को विधान परिषद की सदस्यता मिलने के साथ ही विदर्भ क्षेत्र में पार्टी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई. डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे द्बारा बच्चू कडू को दी गई इस अतिरिक्त जिम्मेदारी की वजह से पार्टी में उनका कद निश्चित तौर पर बढा. लेकिन इसकी वजह से शिंदे सेना के पुराने पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में कुछ हद तक चिंता की लहर है. साथ ही ‘अंदरबट्टेे’ में बच्चू कडू के बढते कद की वजह से कुछ हद तक नाराजगी वाला माहौल भी हैं.
जानकारी के मुताबिक पार्टी के पुराने पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का मानना है कि शिवसेना में हुई दो फाड के बाद उन्होंने शिंदे का साथ दिया. जिसके लिए लोगों के ताने भी सहे. ऐसे में आज जब पार्टी स्थिरता की ओर बढ रही है तो किसी पुराने निष्ठावान शिवसैनिक पर विदर्भ का जिम्मा सौंपने की बजाय बाहर से बच्चू कडू को आयात करते हुए उन्हें विधायक पद सहित विदर्भ क्षेत्र की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई. इसे लेकर शिंदे गुट के पुराने पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों में काफी हद तक नाराजगी हैं.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि अपनी राजनीतिक दिक्कतों के चलते बच्चू कडू के खिलाफ शिंदे सेना में कोई भी कुछ भी खुले तौर पर बोलने के लिए तैयार नहीं है. लेकिन भीतर ही भीतर असंतोष व अंतर्विरोध जरूर पनप रहा है यह तय.





