आशा वर्कर जान की बाजी लगाकर निभा रही अपना फर्ज

गली मोहल्लों में जाकर जनजागृति के साथ कर रही सर्वेक्षण

प्रतिनिधि/दि.२७
बडनेरा– देशभर में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. शहर में भी दिनों दिन इसका प्रादुर्भाव बढ़ रहा है जिसमें आशा वर्कर शहर के गली मोहल्लेमें जाकर अपनी जान की परवाह किए बगैर सर्वेक्षण व जनजागृति के कार्यो में जुटी हुई है. स्थानीय बडनेरा स्थित मोदी अस्पताल की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वैशाली मोटघरे ने कोरोना के प्रादुर्भाव को लेकर आशा वर्कर को सर्वेक्षण के कार्य में लगा दिया. जिसमें आशा वर्कर अपने फर्ज को अंजाम दे रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार २० आशा वर्कर इस कार्य में जुटी है. जिसमें वर्षा नारनवरे, भारती मेश्राम, नलू बोरकर, फरीन कौसर, अर्चना जनबंधु, उर्मिला सपाटे, सुनीता झंझाळ,योगिता भगत, मीना परतेती, उषा कुरहाडे, प्रणिता इंगोले का समावेश है. यह सभी आशा वर्कर पिछले १२ वर्षो से अपनी सेवाएं दे रही है. सरकार द्वारा समय-समय पर इन आशा वर्करों का मानधन बढ़ाने का आश्वासन दिया गया है. किंतु इन आशा वर्करों को अभी तक मानधन नहीं बढ़ पाया.
कम मानधन मिलने के बाद भी कोरोना संकट में यह सभी आशा वर्कर अपना फर्ज बखूबी निभा रही है. हर रोज शहर के गली मोहल्ले में जाकर घरों में मरीजों के बारे में पूछताछ कर रही है. किसी को खांसी जुकाम,बुखार तो नहीं है. मोहल्ले में कोई व्यक्ति या मेहमान अन्य शहर से तो नहीं आया आदि जानकारियां घर-घर जाकर इंकार रही है. इतना ही नहीं तो आशा वर्कर घर के सदस्योंं के नाम मोबाइल नंबर भी ले रही है. अगर किसी मोहल्ले में कोई मरीज पाया गया तो उसे स्थानीय मोदी अस्पताल में जाकर जांच करवाने के लिए आशा वर्कर कह रही है. कोरोना संकट में आशा वर्करों के साथ-साथ स्वास्थ्य अधिकारी वैशाली मोटघरे, परिचारिका अरूणा कांबले, प्राजक्ता उंबरकर,सुनीता आडे, कीर्ति कानडी, संगीता तरोने व अन्य सहकर्मी भी मुस्तैदी से अपनी सेवाएं दे रहे है और नागरिको से स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने का आवाहन भी कर रहे है.

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